भाजपा प्रशिक्षण वर्ग में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक, नदियों के नाम वाले मटके बने आकर्षण का केंद्र

 


औरैया, 28 मई (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के शहर में आयोजित भाजपा प्रशिक्षण वर्ग कार्यक्रम में इस बार भारतीय संस्कृति, परंपरा और स्थानीय पहचान की अनोखी छवि देखने को मिली। कार्यक्रम स्थल पर पेयजल व्यवस्था के लिए मिट्टी के मटकों का विशेष रूप से उपयोग किया गया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इन मटकों पर देश की प्रमुख नदियों के नाम लिखे गए थे, जो कार्यक्रम की खास पहचान बन गए।

कार्यक्रम में लगाए गए मटकों पर चंबल, क्वारी, गंगा, यमुना, सरयू, गोदावरी, मंदाकनी, सेंगुर और कावेरी समेत कई नदियों के नाम अंकित किए गए थे। पारंपरिक शैली में सजाए गए ये मटके न केवल लोगों को भारतीय संस्कृति का एहसास करा रहे थे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी से जुड़े भारतीय जीवन मूल्यों का संदेश भी दे रहे थे।

प्रशिक्षण वर्ग में पहुंचे कार्यकर्ताओं और अतिथियों के लिए इन्हीं मिट्टी के मटकों से शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई थी। भीषण गर्मी के बीच मटकों का ठंडा पानी लोगों को काफी पसंद आया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक दौर में भी पारंपरिक व्यवस्थाओं को अपनाना भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का एक सुंदर प्रयास है।

कार्यक्रम स्थल पर सजाए गए मटकों के साथ लोग फोटो खिंचवाते नजर आए। नदियों के नामों से सजे मटके कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र बने रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य भारतीय सभ्यता, नदियों के महत्व और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश देना है।

पूरे कार्यक्रम में पारंपरिक भारतीय संस्कृति और स्थानीय पहचान का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित लोगों के मन पर गहरी छाप छोड़ी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार