अनुसूचित जाति-जनजाति मामलों की समीक्षा, लापरवाही पर सख्ती : रमेश चन्द्र कुण्डे

 


कानपुर, 01 मई (हि.स.)। अनुसूचित जाति और जनजाति से जुड़े मामलों में शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिले और किसी भी स्तर पर लापरवाही कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। अत्याचार से जुड़े मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और संवेदनशील कार्यवाही होनी चाहिए, साथ ही सभी विभाग पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करें। यह बातें शुक्रवार को अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग, उत्तर प्रदेश के सदस्य रमेश चन्द्र कुण्डे ने कही।

कलेक्ट्रेट सभागार में उनकी अध्यक्षता में जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक की गई, जिसमें अनुसूचित जाति और जनजाति से सम्बंधित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। आमजन की शिकायतों को सुनते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

बैठक में अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) महेश प्रसाद, डीसीपी सेंट्रल अतुल, एसीपी कोतवाली आशुतोष कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरी दत्त नेमी, जिला समाज कल्याण अधिकारी बीरपाल, पीआरओ सुधीर चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के बाद सदस्य ने जिला चिकित्सालय (पुरुष) उर्सला पहुंचकर व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक भी मौजूद रहे। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, दवा वितरण व्यवस्था और अन्य सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले। अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही व्यवस्थाओं में सुधार के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

इसके बाद घंटाघर से डिप्टी पड़ाव तक सड़क की स्थिति का भी जायजा लिया गया, जहां अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग अनूप मिश्रा मौजूद रहे। सदस्य ने निर्देश दिए कि गड्ढा मुक्त अभियान के तहत सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि आमजन को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप