डिजिटल लाइब्रेरी में डिजिटल उपकरणों की स्थापना में लायी जाए तेजी : मुख्य सचिव
लखनऊ, 02 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कहा कि आगामी 12 सितम्बर को सभी जनपदों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसे सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग अधिकतम संख्या में प्री-लिटिगेशन मामलों की पहचान कर उनके त्वरित निस्तारण के लिए गंभीरता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करें। आमजन को राष्ट्रीय लोक अदालत की उपयोगिता एवं इसमें उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी व्यापक स्तर पर दी जाए। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया एवं अन्य तकनीकी माध्यमों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने ये निर्देश समस्त मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में बुधवार काे दिए। पंचायतीराज विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी में आगामी एक माह में डिजिटल उपकरणों की स्थापना की जानी है। उन्होंने सीडीओ (नोडल अधिकारी) को निर्देश दिए कि आवश्यकतानुसार इलेक्ट्रिकल कनेक्शन एवं इंटरनेट कनेक्शन की व्यवस्था समय से सुनिश्चित कर ली जाए।
उन्होंने डिजिटल लाइब्रेरी में फर्नीचर एवं पुस्तकों को व्यवस्थित तरीके से रखवाने तथा इसके प्रबंधन एवं संचालन के लिए निर्धारित एसओपी के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा एसओपी का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक संबंधित विभाग द्वारा नोडल अधिकारी नामित किया जाए। नोडल अधिकारियों के माध्यम से मामलों की पहचान, नोटिस/समन की तामीला तथा मामलों के निस्तारण की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित कराई जाए।
उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय लोक अदालत से एक दिन पूर्व तहसील प्रशासन के सहयोग से विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि अधिक से अधिक आम नागरिक लोक अदालत में पहुंचकर अपने मामलों का सरल, त्वरित एवं आपसी सहमति से समाधान करा सकें।
मुख्य सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को अधिक प्रभावी एवं लोकप्रिय बनाने के लिए ओडीओपी, ओडीओसी के स्टॉल लगाने, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित करने तथा पात्र लाभार्थियों का योजनाओं के लिए पंजीकरण कराने की व्यवस्था भी की जा सकती है।
मुख्य सचिव ने सम्मिलित सहकारी बैंकिंग तथा तकनीकी सेवा परीक्षा (विशेष चयन)-2026 को पूरी तरह सुव्यवस्थित, नकलविहीन एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित परीक्षा प्रक्रिया एवं सभी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित कराया जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी अभ्यर्थी को वैध प्रवेश पत्र एवं आवश्यक पहचान पत्र के बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश न दिया जाए। अभ्यर्थियों की समुचित चेकिंग एवं फ्रिस्किंग की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी अभ्यर्थी अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन अथवा किसी अनुचित सामग्री के साथ परीक्षा केंद्र में प्रवेश न कर सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षा से पूर्व प्रत्येक परीक्षा केंद्र का निरीक्षण कराकर वहां सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, एआई सर्विलांस, लाइव मॉनिटरिंग, बायोमीट्रिक, पावर बैकअप, इंटरनेट कनेक्टिविटी एवं जैमर आदि से संबंधित उपकरणों की कार्यशीलता का परीक्षण पहले ही कर लिया जाए। परीक्षा के दौरान पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुलिस कर्मियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने हापुड़, मऊ, हाथरस, गोरखपुर, बलिया, बस्ती, फतेहपुर, बाराबंकी एवं औरैया सहित 09 जनपदों से पंचायत उत्सव भवन की डीपीआर तत्काल विभाग को प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में पंचायत उत्सव भवन की निविदा प्रक्रिया लंबित है, उसे त्वरित गति से पूर्ण कराकर कार्य प्रारंभ कराया जाए। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन