बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्परता के साथ संचालित हों राहत एवं बचाव कार्य: मुख्य सचिव

 


लखनऊ, 29 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए।

बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता, समन्वय और संवेदनशीलता के साथ संचालित किए जाएं। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने प्रभावित परिवारों को समय पर राशन किट उपलब्ध कराने, जिलाधिकारियों द्वारा नियमित रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करने तथा राहत कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने पर भी जोर दिया।

फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जिलाधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग कर फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण की गति को और तेज किया जाए तथा शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव ने बताया कि खरीफ-2026 ई-खसरा पड़ताल (डिजिटल क्राप सर्वे) का अभियान 16 अगस्त, 2026 से प्रारंभ होगा। इसके सफल संचालन के लिए सभी जिलाधिकारियों को पूर्व तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आवश्यक संख्या में सर्वेयरों का चयन एवं ऑनबोर्डिंग तथा सभी सर्वेयरों का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए।

नंद बाबा दुग्ध मिशन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी बनाए रखने के लिए प्रत्येक जनपद में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव में दुग्ध सहकारी समितियों के गठन को लक्ष्य बनाकर कार्य किया जाए तथा दुग्ध उत्पादकों को गांव स्तर पर ही उनके दूध के उचित मूल्य पर दूध विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में बताया गया कि मिशन के अंतर्गत 35 प्रतिशत बैंक ऋण की अनिवार्यता समाप्त कर इसे वैकल्पिक बना दिया गया है। अब लाभार्थी अपनी स्वयं की वित्तीय व्यवस्था से भी इकाई स्थापित कर सकते हैं तथा अनुदान की राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।

बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुधन मुकेश कुमार मेश्राम, प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र, प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू., राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन