कारीगरों और छोटे उद्यमियों को सीएफसी से जोड़ने के लिए चलाया जाए अभियान : मुख्य सचिव
लखनऊ, 16 जुलाई (हि.स.)। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद) सामान्य सुविधा केन्द्र (सीएफसी) योजनान्तर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक गुरूवार को आयोजित की गई।
अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी सीएफसी को उद्यमियों, बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों के लिए अधिक उपयोगी, सुलभ और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सीएफसी की व्यवहार्यता एवं उपयोगिता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए तथा जिला प्रशासन, बैंकों एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
गोयल ने निर्देश दिए कि सीएफसी की पहुंच अधिक से अधिक लाभार्थियों तक सुनिश्चित करने के लिए इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक, व्हाट्सएप सहित विभिन्न डिजिटल एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय उपस्थिति बनाई जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में डोर-टू-डोर जनजागरूकता अभियान चलाकर पम्पलेट वितरित किए जाएं तथा 'उद्योग बंधु' और विभिन्न इंडस्ट्री एसोसिएशनों के माध्यम से जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाएं, ताकि स्थानीय उद्योगों, सूक्ष्म उद्यमियों और हस्तशिल्पियों को सीएफसी की सुविधाओं की जानकारी मिल सके और गुणवत्ता व उत्पादकता में सुधार हो।
उन्होंने कहा कि जिला एवं मंडल स्तरीय उद्योग बंधु की बैठकें सीएफसी परियोजना स्थलों पर आयोजित की जाएं, जिससे अधिक से अधिक उद्यमी, बुनकर और हस्तशिल्पी इन केन्द्रों की गतिविधियों एवं उपलब्ध सुविधाओं से सीधे परिचित हो सकें।
मुख्य सचिव ने अधिक से अधिक छोटे उद्यमियों, बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों को सीएफसी का सदस्य बनाकर यूजर बेस बढ़ाने पर विशेष बल दिया। नई सीएफसी परियोजनाओं के चयन में यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका स्थान कारीगर एवं हस्तशिल्प बहुल क्षेत्रों में हो, जिससे उनकी उपयोगिता और प्रभावशीलता अधिकतम हो सके।
बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में ओडीओपी सामान्य सुविधा केन्द्र योजना के अंतर्गत वर्तमान में 17 परियोजनाएं संचालित हैं, 13 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं तथा 11 नई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, विशेष सचिव एमएसएमई शिशिर सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन