किडनी रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डायलिसिस बेड बढ़ाए जाएं : अमित कुमार घोष

 


लखनऊ, 11 अगस्त (हि.स.)। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने प्रदेश में बढ़ते किडनी रोगियों की संख्या तथा पूर्व से संचालित डायलिसिस यूनिटों में मरीजों की बढ़ती प्रतीक्षा सूची को गंभीरता से लेते हुए डायलिसिस बेडों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन चिकित्सालयों से डायलिसिस बेडों की संख्या बढ़ाए जाने के संबंध में सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, उनका परीक्षण कराकर आवश्यक कार्यवाही त्वरित गति से सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को समयबद्ध रूप से डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध हो सके।

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने यह निर्देश वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी अपर निदेशक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के साथ समीक्षा बैठक में दिए।

अमित कुमार घोष ने विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने अथवा अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन न करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सक निर्धारित समय पर अस्पताल में उपस्थित रहकर मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएं। अस्पतालों में रात्रिकालीन राउंड भी नियमित रूप से किए जाएं तथा इस दौरान मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति और अस्पताल की व्यवस्थाओं का प्रभावी निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

हृदयघात के मरीजों की समय से पहचान करें

उन्होंने कहा कि संदिग्ध हृदयघात के मरीजों की ईसीजी के माध्यम से समय से पहचान की जाए तथा आवश्यकतानुसार उन्हें निर्धारित केन्द्रों पर तत्काल भेजा जाए, जिससे मरीजों को गोल्डन ऑवर में उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

फायर सेफ्टी एनओसी का तत्काल निराकरण करायें

फायर सेफ्टी की समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन चिकित्सालयों में फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थापना का कार्य चल रहा है, उसे त्वरित गति से पूर्ण कराया जाए। फायर सेफ्टी एनओसी प्राप्त करने में यदि किसी स्तर पर समस्या आ रही है तो उसका तत्काल निराकरण कराया जाए।

डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के लिए फॉगिंग एवं एंटी-लार्वा अभियान में तेजी लाएं

संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अभियान की शेष अवधि में सभी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी एवं तीव्र किया जाए तथा प्रत्येक जिले में लंबित कार्यों को निर्धारित समय में पूरा कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से एंटी-लार्वा एवं फॉगिंग के लिए अभियान चलाने तथा डेंगू एवं मलेरिया की प्रभावी निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर कंट्रोल रूम संचालित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आवश्यक लॉजिस्टिक्स एवं चिकित्सा सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। डायग्नोस्टिक किट एवं प्रयोगशाला उपकरण कार्यशील स्थिति में रहें तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बेड एवं मच्छरदानी युक्त वार्ड तैयार रखे जाएं। इमरजेंसी एवं डेंगू वार्ड में उपचार प्रोटोकॉल उपलब्ध रहने के साथ उनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एंबुलेंस सेवाएं भी पूरी तरह कार्यशील रखी जाएं।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन