‘वैश्वीकरण एवं सूचना प्रौद्योगिकी का हिंदी साहित्य एवं भाषा रूपों पर प्रभाव’ शोध सम्पन्न

 


प्रयागराज, 30 जून (हि.स)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मंगलवार को आधुनिक एवं भारतीय भाषा विभाग में ‘वैश्वीकरण एवं सूचना प्रौद्योगिकी का हिंदी साहित्य एवं भाषा रूपों पर प्रभाव’ (1990 से अब तक) विषय पर प्रोफेसर योगेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में शोध कार्य कर रही ऋचा सिंह की शोध मौखिक सम्पन्न हुई।

इविवि की पीआरओ प्रो जया कपूर ने बताया कि इसमें परीक्षक महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की कुलपति प्रोफेसर कुमुद शर्मा थीं। उन्होंने शोधार्थी से वैश्वीकरण, सूचना प्रौद्योगिकी, नवाचारों से सम्बंधित कई प्रश्न किए। प्रोफेसर कुमुद शर्मा के अनुसार शोधार्थी ने साहित्य के विविध रूपों को अपने अध्ययन का आधार बनाया है। साथ ही उसमें भाषा एवं शिल्प के स्तर पर जो नवाचार दिखाई पड़ रहें है उस पर भी विस्तृत विचार प्रस्तुत किए हैं। सूचना प्रौद्योगिकी से बदलते हिंदी के भाषा रूपों को भी शोध प्रबंध में समेटा गया है।

पीआरओ ने बताया कि उपस्थित विद्वतजनों में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर भूरेलाल चक्रवर्ती एवं प्रोफेसर शिव प्रसाद शुक्ला, डॉ सुजीत कुमार सिंह, डॉ विनम्र सेन सिंह, डॉ अंशुमान कुशवाहा उपस्थित रहे और अपने सुधार सुझाव दिए। इस अवसर पर हिंदी विभाग के अनेक शोधार्थी और विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र