बाढ़ प्रभावितों तक तेजी से पहुंच रही राहत, 16 जिलों में मदद से जुड़ा अभियान जारी

 

योगी सरकार ने बाढ़ में फंसे 14,628 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, अब तक प्रदेश में नहीं होने पाई कोई जनहानि

810 मेडिकल टीमें लगातार कर रहीं निगरानी, 536 नाव-मोटरबोट से राहत अभियान को मिली रफ्तार

75 बाढ़ शरणालयों में 2240 लोगों को मिला आश्रय, 2 लाख से अधिक भोजन के पैकेट वितरित किए गए

पशुओं के लिए 2345 क्विंटल से अधिक भूसा वितरित हुआ, प्रदेश में 1,618 बाढ़ चौकियां सक्रिय

लखनऊ, 25 अगस्त। उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार की मुस्तैदी से राहत और बचाव अभियान लगातार प्रभावी ढंग से जारी है। सरकार की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों की जान बचाने के साथ उन्हें समय पर भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है। अब तक 14,628 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और बाढ़ से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। प्रभावित परिवारों को अब तक 2.04 लाख से अधिक भोजन के पैकेट पहुंचाए गए हैं। इसके साथ ही मेडिकल टीमों की तैनाती, क्लोरीन-ओआरएस का वितरण, पशुओं के लिए भूसे की व्यवस्था कर सरकार ने इंसानों के साथ पशुधन की सुरक्षा का भी पूरा इंतजाम सुनिश्चित किया है।

राहत आयुक्त कार्यालय की मंगलवार की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 16 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि अब तक कुल 25 जिले बाढ़ की चपेट में आए हैं। वर्तमान में करीब 1.44 लाख आबादी प्रभावित है, जबकि अब तक प्रभावित कुल आबादी का आंकड़ा 2.19 लाख से अधिक रहा है।

प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए अब तक प्रदेश में कुल 1,618 बाढ़ चौकियां स्थापित की जा चुकी हैं। इसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत रखने के लिए आज 127 मेडिकल टीमें काम कर रही हैं और अब तक कुल 810 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं।

जनहानि और पशुहानि का आंकड़ा शून्य
राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक अब तक बाढ़ से जनहानि और पशुहानि का आंकड़ा शून्य है। वहीं, बाढ़ से आज चार और अब तक 208 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। क्षतिग्रस्त मकानों के सापेक्ष आज तीन और अब तक कुल 130 मामलों में सहायता वितरित की जा चुकी है।

14,628 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
राहत अभियान में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अब तक 14,628 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा प्रदेश में कुल 1,281 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 75 वर्तमान में संचालित हैं। इन संचालित शरणालयों में 2,240 लोग रह रहे हैं।

भोजन की व्यवस्था, लाखों पैकेट पहुंचाए
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने के लिए राहत एजेंसियों की ओर से लगातार खाद्य सामग्री वितरित की जा रही है। मंगलवार को 4,819 खाद्य पैकेट और 14,962 लंच पैकेट वितरित किए गए। अब तक कुल 39,321 खाद्य पैकेट और 2,04 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इससे प्रभावित परिवारों को मुश्किल हालात में भोजन की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।

स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए क्लोरीन और ओआरएस का वितरण
बाढ़ के दौरान जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है। मंगलवार को 7,882 क्लोरीन टैबलेट और 2,270 ओआरएस वितरित किए गए। अब तक 1,07,347 क्लोरीन टैबलेट और 45,338 ओआरएस वितरित किए जा चुके हैं। मेडिकल टीमों की तैनाती के साथ यह व्यवस्था प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम करने में सहायक है।

पशुओं के लिए भी राहत व्यवस्था
राहत अभियान में प्रभावित परिवारों के साथ उनके पशुधन की सुरक्षा को भी शामिल किया गया है। पशुओं के लिए मंगलवार को 1,282.15 क्विंटल भूसा वितरित किया गया, जबकि अब तक कुल 2,345 क्विंटल से अधिक भूसा उपलब्ध कराया जा चुका है।

536 नाव-मोटरबोट से राहत अभियान को मिली रफ्तार
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और बचाव कार्य के लिए प्रशासन की ओर से नावों और मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। वर्तमान में 536 नाव एवं मोटरबोट राहत कार्य में प्रयुक्त हैं, जबकि अब तक कुल 1,028 नाव एवं मोटरबोट का उपयोग किया जा चुका है। इससे जलभराव वाले क्षेत्रों तक राहत दलों और आवश्यक सामग्री की पहुंच आसान हुई है।