योगी सरकार में आबकारी विभाग का नया रिकॉर्ड, पांच माह में 24 हजार 795 करोड़ रुपये का राजस्व

 


लखनऊ, 04 सितंबर(हि.स.)। उत्तर प्रदेश का आबकारी विभाग राजस्व संग्रह के साथ अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में भी लगातार मजबूती दिखा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों यानी अप्रैल से अगस्त तक विभाग ने करीब 24 हजार 795.52 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 22 हजार 337.62 करोड़ रुपये था। इस तरह पांच महीने में राजस्व में दो हजार 457.90 करोड़ रुपये यानी करीब 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी विभाग का राजस्व लक्ष्य 71,278 करोड़ रुपये निर्धारित है, जिसके मुकाबले पांच माह में करीब 34.8 प्रतिशत लक्ष्य हासिल हो चुका है।

अगस्त में 3,933.10 करोड़ का राजस्व जुटाय

अगस्त में विभाग ने तीन हजार 933.10 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया, जबकि पिछले साल इसी महीने तीन हजार 754.43 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई थी। यानी अगस्त में 178.67 करोड़ रुपये अधिक राजस्व मिला और वृद्धि दर 104.76 प्रतिशत रही। इससे पहले अप्रैल में पांच हजार 248.06 करोड़, मई में पांच 387.63 करोड़, जून में पांच हजार 173.87 करोड़ और जुलाई में पांच हजार 052.86 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ था। जुलाई में पिछले साल की तुलना में 16.04 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।

अवैध शराब के खिलाफ लगातार सख्ती, हजारों मुकदमे दर्ज

राजस्व वृद्धि के साथ अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ भी विभाग का अभियान जारी है। अप्रैल से जून 2026 तक 29 हजार 294 अभियोग दर्ज करते हुए 9.01 लाख लीटर अवैध मदिरा व मादक पदार्थ बरामद किए गए। इस दौरान चार हजार 673 लोगों को गिरफ्तार, 819 आरोपितों को जेल भेजने के साथ तस्करी में इस्तेमाल 30 वाहन जब्त किए गए। जुलाई में भी नौ हजार 769 अभियोग दर्ज, 2.34 लाख लीटर अवैध शराब बरामद और एक हजार 704 लोगों की गिरफ्तारी की गई, जबकि 271 आरोपितों को जेल भेजा गया। अगस्त में भी प्रवर्तन टीमों ने जिलों में छापेमारी, गश्त और चेकिंग का अभियान जारी रखा। सुलतानपुर के चांदा क्षेत्र में अगस्त में कार्रवाई के दौरान 110 किलो महुआ लहन नष्ट कर 12 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई।

पारदर्शी व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस पर जोर

आबकारी एवं मद्यनिषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आबकारी विभाग राजस्व संग्रह के साथ अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। पारदर्शी व्यवस्था, तकनीकी निगरानी और प्रभावी प्रवर्तन के कारण राजस्व में लगातार वृद्धि हो रही है। सरकार का लक्ष्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि अवैध और जहरीली शराब के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाना भी है।

अवैध मदिरा के निर्माण के लिए अभियान जार

आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि विभाग की टीमें राजस्व संग्रह के साथ-साथ अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं। अगस्त में भी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, छापेमारी और चेकिंग बढ़ाई गई है। अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्‍द्र पाण्डेय