विश्व में स्त्री का नेतृत्व होता तो शायद धरती का स्वरूप कुछ और होता : डॉ नीरजा माधव

 








सुलतानपुर, 04 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर में राष्ट्र सेविका समिति समापन समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लेखिका डॉ. नीरजा माधव ने कहा कि स्त्री राष्ट्र के निर्माण न3 अपना योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि आज यदि विश्व में स्त्री का नेतृत्व होता तो शायद जिस तरह से चारों ओर युद्ध की विभीषिका दिख रही है वह न होती और धरती का स्वरूप कुछ और ही होता।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की महिला इकाई राष्ट्र सेविका समिति द्वारा आयोजित प्रवेश शिक्षा वर्ग-2026 (काशी एवं गोरक्ष प्रांत) के समापन समारोह का आयोजन बुधवार की देर शाम तक सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सुलतानपुर में आयोजित किया गया। डॉ माधव ने आगे कहा कि स्त्री के अंदर की शक्ति कभी विध्वंशक, नकारात्मक नहीं होती है। इसीलिए अपने वेदों, पुराणों में शक्ति के रूप में, ऊर्जा के रूप में उनकी तुलना की गयी है।

राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका एवं मुख्य वक्ता शांता आक्का ने सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि समाज, राष्ट्र एवं स्वयं के संरक्षण तथा उत्थान के लिए सदैव सजग और तत्पर रहना ही राष्ट्र सेविका समिति का अंतिम ध्येय है। पूरे विश्व में शान्ति ही लक्ष्य है।

समापन समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं स्वयं सेविकाओं ने सामूहिक रूप से घोष, योग, आसन, दण्ड प्रहार आदि का शानदार प्रदर्शन किया।

17 जिलों से आईं 77 बहनों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसमें 55 परिवारों की माताओं से प्रतिभाग कर रोटी संकलित कर वर्ग की बहनों को दिया गया।

आवासीय प्रशिक्षण वर्ग 19 मई से 3 जून तक चला। समापन के अवसर पर बड़ी संख्या में सेविकाएं एवं गणमान्य नागरिक सहित प्रान्त कार्य वाहिका माया, शशि, सुमन सिंह आदि उपस्थित रहीं।

सुलतानपुर की विभाग कार्यवाहिका कुसुम सिंह ने आये हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / दयाशंकर गुप्त