श्री राम कथा महोत्सव में सीता हरण प्रंसग को सुनकर व्याकुल हुए श्रोता
मुरादाबाद, 1 जनवरी (हि.स.)। हरे कृष्ण सेवा न्यास समिति के तत्वावधान में गुरुवार को बुद्धि विहार स्थित व्हाइट हाउस में नवदिवसीय श्री राम कथा महोत्सव के आठवें दिन वृंदावन से पधारे प्रख्यात संत कथा वाचक शिवकुमार शास्त्री महाराज ने भारत मिलाप व सीता हरण का प्रसंग सुनकर सभी श्रोतागण भावकु हो गए।
शिवकुमार शास्त्री महाराज ने सुनाया कि चित्रकूट में प्रभु राम, सीता और लक्ष्मण एक कुटिया बनाकर रह रहे थे। वहीं उनका भरत से मिलन हुआ। इसके बाद जब भरत अयोध्या लौटने का आग्रह किया तो राम ने मना कर दिया।
भरत अपने भाई राम से अधिक प्रेम के कारण क्षमा मांगते हुए अयोध्या का राज सिंहासन उन्हें देने की बात कही, ताकि वह वापस हो सके। भरत की हट करने से गुरुजन भी निर्णय नहीं ले पा रहे थे। चुप्पी तोड़ते हुए जब राम ने अयोध्या जाने को मना कर पिता के वचनों से बंधे होने की वजह बताई तो भरत उनके वन में रहने की बात मान गए। इसके बाद भारत राम जी की चरणों पादुका लेकर अयोध्या के लिए रवाना हो गए।
कथावाचक शिवकुमार शास्त्री ने आगे सुनाया कि रावण ने अपनी बहन शूर्पणखा की झूठी बातों में आकर माता सीता के हरण की योजना बनाई थी और इस कार्य में अपने सेनापति मारीच को साथ लिया। मारीच इस कुकृत्य में भागीदार नहीं बनना चाहता था, लेकिन उसने सोचा कि जब दोनों ओर से मृत्यु तय है तो वह भगवान राम के हाथों मरना बेहतर समझेगा जिससे उसका लोक और परलोक सुधर जाए।
कथावाचक ने कहा कि पंचवटी में एक स्वर्ण मृग को देखकर माता सीता ने राम से उसे पकड़ने का आग्रह किया। यह रावण और मारीच की चाल थी। राम और लक्ष्मण के पंचवटी से दूर जाते ही रावण साधु के वेश में वहां पहुंचा और माता सीता से भिक्षा मांगने के बहाने उन्हें लक्ष्मण रेखा लांघने को मजबूर किया। जैसे ही सीता रेखा से बाहर आईं, रावण अपने असली रूप में आकर उनका अपहरण कर ले गया। राम और लक्ष्मण जब वापस लौटे तो सीता को न पाकर व्याकुल हो उठे। स्थिति को भांपकर वे सीता की खोज में वन की ओर निकले। ऋष्यमूक पर्वत के समीप उनकी भेंट माता शबरी से हुई, जिन्होंने उन्हें सुग्रीव और हनुमान से मिलने की सलाह दी। पूजन पंडित राजीव शुक्ला ने विधि विधान से सम्पन्न कराया।
मुख्य यजमान हरे कृष्ण सेवा न्यास समिति के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र देव शर्मा व धर्मपत्नी मनुस्मृति उपस्थित रहे।
हरे कृष्ण सेवा न्यास समिति के मीडिया प्रभारी निमित जायसवाल ने बताया कि नव दिवसीय राम कथा महोत्सव का विश्राम 2 जनवरी शुक्रवार को श्री राम राज्याभिषेक के साथ होगा।
इस अवसर पर हरे कृष्ण सेवा न्यास समिति के सचिव श्यामसुंदर गौड़, संयोजक प्रदीप शुक्ला, निमित जायसवाल, ओमेंद्र सिंह, सुशील शर्मा, रामरतन शर्मा, प्रदीप शर्मा, राजेश खंडेलवाल, रजत शर्मा, आरके गंगवार, विपिन कुमार मित्तल, भारती भटनागर, मंजू शर्मा, अंजू गौड़, सुमन बिश्नोई, राधिका शर्मा, रेखा शुक्ला, अनीता शर्मा आदि उपस्थित रहे।
आरती के बाद महाप्रसाद वितरित हुआ। नि:शुल्क चरण पादुका सेवा कल्याणी दरबार द्वारा की गई। कल्याणी दरबार के पंकज माथुर, संजय सिंह, टोनी सभरवाल, अनूप सोती, विनीश माथुर, हनी, मोहित, आशीष सिंह ने चरण पादुका में सेवा की।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल