भारत के साथ-साथ विश्व के 20 से ज्यादा देशों ने रामायण से जुड़े चरित्रों पर जारी किये डाक टिकट : कृष्ण कुमार यादव
--डाक टिकटों पर भी छाया राम राज्य, ‘श्रीराम जन्मभूमि मंदिर’ से लेकर रामायण के प्रसंगों पर जारी हुए डाक टिकट
--भगवान श्री राम पर जारी डाक टिकट दुनिया भर के डाक टिकट संग्राहकों के लिए एक अमूल्य निधि की तरह
प्रयागराज, 26 मार्च (हि.स.)। भगवान श्री राम की महिमा डाक टिकटों के माध्यम से भी देश-दुनिया में प्रसारित हो रही है। भारत के साथ-साथ विश्व के 20 से ज्यादा देशों ने रामायण से जुड़े चरित्रों और कथानकों पर समय-समय पर डाक टिकट जारी किये हैं। यानी की डाक टिकटों पर भी राम राज्य छाया हुआ है।
यह जानकारी उत्तर गुजरात परिक्षेत्र, अहमदाबाद के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने गुरूवार को देते हुए बताया कि डाक विभाग लोगों को अपनी विरासत और संस्कृति से जोड़ने के लिए तमाम डाक टिकटें जारी करता है। इसी क्रम में ‘श्रीराम जन्मभूमि मंदिर’ से लेकर रामायण के विभिन्न प्रसंगों से जुड़े तमाम डाक टिकटों को भी समाहित किया गया है, ताकि युवा पीढ़ी डाक टिकटों के माध्यम से अपनी संस्कृति से अवगत हो सके। ये डाक टिकट पत्रों पर लगकर विदेशों में भी जायेंगे, जहां रामायण की गाथा लोगों तक फैलाएंगे।
पोस्टमास्टर जनरल ने बताया कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जनवरी, 2024 को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को समर्पित 06 विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किए थे। इनमें श्री राम जन्मभूमि मंदिर के साथ भगवान गणेश, हनुमान, जटायु, केवटराज और माता शबरी पर जारी डाक टिकट शामिल हैं। सोने के वर्क से सुसज्जित और चंदन की खुशबू से सुवासित इन डाक टिकटों में सूर्यवंशी राम के प्रतीक सूर्य की छवि के साथ पुण्य नदी सरयू का चित्र भी है और ‘मंगल भवन अमंगल हारी, द्रवउ सो दसरथ अजिर बिहारी’ चौपाई के माध्यम से राष्ट्र के मंगल की कामना है। इन डाक टिकटों के मुद्रण में अयोध्या की पवित्र मिट्टी और सरयू के पवित्र जल का इस्तेमाल करते हुए इसे पंच महाभूतों के दर्शन से भी जोड़ा गया है।
कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग ने रामायण के सभी महत्वपूर्ण प्रसंगों को दर्शाते 11 स्मारक डाक टिकटों का एक सेट भी 22 सितम्बर, 2017 को जारी किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे तुलसी मानस मंदिर, वाराणसी में जारी किया था। इन डाक टिकटों में सीता स्वयंवर, राम वनवास, भरत मिलाप, केवट प्रसंग, जटायु संवाद, शबरी संवाद, अशोक वाटिका में हनुमान-सीता संवाद, राम सेतु निर्माण, संजीवनी ले जाते हनुमान, रावण वध व भगवान राम के राजगद्दी पर बैठने के आकर्षक दृश्य समाहित हैं। श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या के भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम को अविस्मरणीय बनाने के लिए भी प्रधानमंत्री मोदीजी ने 5 अगस्त, 2020 को अयोध्या में ‘श्री राम जन्मभूमि मंदिर के प्रतिरूप’ पर आधारित कस्टमाइज्ड डाक टिकट जारी किया था।
भारतीय डाक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी के साथ-साथ साहित्यकार एवं ब्लॉगर के रूप में भी सुप्रसिद्ध, पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि साहित्य और रंगमंच की दृष्टि से राम कथा विश्व के अधिकांश देशों में पहुंच स्थापित करती है। राम कथा के सूत्र भारत के बाहर श्रीलंका, नेपाल, इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड, लाओस, जापान, चीन, वियतनाम, सूरीनाम, कंबोडिया और म्यांमार इत्यादि देशों तक भी व्याप्त हैं।
कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक टिकट को नन्हा राजदूत भी कहा जाता है। देश-दुनिया की सैर करते हुए ये डाक टिकट किसी भी देश की सभ्यता, संस्कृति, विरासत की परम्पराओं को आगे बढ़ाते हुए सांस्कृतिक संदेशवाहक की भूमिका निभाते हैं। विश्व भर के डाक विभाग ने रामायण के विभिन्न पहलुओं पर डाक टिकटों की सीरीज जारी करके श्री राम की आध्यात्मिकता और ऐतिहासिकता को वैश्विक स्तर पर समृद्ध किया है। श्री यादव ने कहा कि, भगवान श्री राम पर जारी डाक टिकट दुनिया भर के डाक टिकट संग्राहकों के लिए एक अमूल्य निधि की तरह है। भगवान श्रीराम से जुड़ी ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व की चीजों को सामने लाकर भारतीय संस्कृति को निरंतर समृद्ध कर रहा है। हर डाक टिकट के पीछे एक कहानी छिपी है और इससे युवा पीढ़ी को रूबरू कराने की जरूरत है। इससे युवा पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति एवं विरासत से जुड़ने में मदद मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र