बुंदेलखंड के लिए बने आर्गेनिक बोर्ड और मिले विशेष पैकेज : राकेश टिकैत

 


महोबा, 28 सितंबर (हि.स.)। बुंदेलखंड की वीरभूमि महोबा में सोमवार को किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत जमकर गरजे। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए एमपी और यूपी के बुंदेलखंड क्षेत्र को मिलाकर आर्गेनिक बोर्ड बनाने और बुंदेलखंड के लिए विशेष पैकेज की मांग की।

सोमवार को जनपद मुख्यालय स्थित नवीन गल्ला मंडी में आयोजित किसान महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि बुंदेलखंड को जब तक सरकार हर साल राहत नहीं देगी, तब तक यहां काम चलने वाला नहीं है।

टिकैत ने कहा कि बुंदेलखंड में किसानों और आमजनमानस के लिए शिक्षा और चिकित्सा फ्री मिलनी चाहिए, किसानों का कर्ज माफ होना चाहिए, तभी यहां का पलायन रुकेगा। यहां की खनिज संपदा का 40 फीसदी हिस्सा यहीं पर खर्च किया जाए। आर्गेनिक से बुंदेलखंडी किसानों का बहुत भला होगा। इसके साथ ही यूपी-एमपी के बुंदेलखंड के हिस्से को मिलाकर ऑर्गेनिक बोर्ड बनाया जाए और बुंदेलखंड को विशेष पैकेज दिया जाए।

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर टिकैत ने कहा कि बेईमानी करेंगे तो बीजेपी जीतेगी नहीं, तो कोई और भी जीतेगा। वोट चोरी तो हो रहा है और वोट चोरी हुआ है लेकिन विपक्ष भी तो कुछ काम करे अभी तक किसी को लाठी नहीं लगी है। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष कमजोर नहीं, डरा हुआ बताया और कहा कि डरा हुआ विपक्ष देश में तानाशाह को जन्म देता है। इसके साथ ही विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि अबकी बार नया काम होगा जो मजबूत हों, वही विधानसभा चुनाव लड़ें। प्रत्याशी पर्चे भरेंगे तो सरकार के लोग उन्हें डराएंगे, पर्चे वापस कराएंगे और उन्हें अपने पक्ष में करेंगे। विपक्ष वालों के हॉस्पिटल बंद कराएंगे और खनन बंद कराएंगे। इस तरह विपक्ष को डराया जाएगा। सीजेपी को लेकर कहा कि यही इनकी जड़ काटेगी।

बुंदेलखंड में बनी मंडियों की बदहाली को लेकर टिकैत ने सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की प्लानिंग है कि मंडिया खंडहर हो जाएं, यहां माल न आए और ये बंद हो जाएं । व्यापारी बाहर चले जाएं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अधिकारी सुधर जाएं, सरकार को खुश करने के लिए किसानों को परेशान न करें। सरकार के प्लान में अधिकारी शामिल न हों। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष राम खिलावन शुक्ला भारी संख्या में किसान मौजूद रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / उपेन्द्र द्विवेदी