राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन के आदर्श आज भी प्रासंगिक, भारतीय जीवन मूल्यों के सशक्त प्रहरी थे : प्रो. सत्यकाम

 




मुक्त विश्वविद्यालय में पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन

प्रयागराज, 01 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में भारत रत्न, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिवार ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र और समाज के प्रति उनके अतुलनीय योगदान का स्मरण किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत्यकाम ने गंगा परिसर एवं सरस्वती परिसर में स्थापित राजर्षि टंडन की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने भी पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

अपने संबोधन में प्रो. सत्यकाम ने कहा कि राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन भारतीय संस्कृति, हिन्दी भाषा और भारतीय जीवन मूल्यों के सशक्त प्रहरी थे। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, सत्यनिष्ठा, सादगी, त्याग और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने हिन्दी भाषा को राष्ट्रजीवन में प्रतिष्ठित करने में ऐतिहासिक योगदान दिया, जिसे सदैव याद रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि राजर्षि टंडन का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके विचार बताते हैं कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना भी है।

कुलपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय अपने नाम के अनुरूप उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और भारतीय जीवन-दृष्टि पर आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा, मातृभाषा, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व आधारित शिक्षा के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय परिवार ने दो मिनट का मौन रखकर राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके आदर्शों को अपने जीवन और कार्यसंस्कृति में अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी, विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक, शिक्षक, कर्मचारी एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल