बारिश थमी पर आजाद नगर-ख्योरा में जलभराव से जिंदगी बेहाल

 


कानपुर, 09 सितंबर (हि.स.)। बारिश का दौर थमने के बाद भी आजाद नगर-ख्योरा क्षेत्र के लोगों को जलभराव से राहत नहीं मिल सकी है। डीपीएस आजाद नगर के पास से गुजरने वाली सड़क पूरी तरह पानी में डूबी हुई है। आसपास बनी करीब 10 सोसाइटी में रहने वाले लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को रोजाना जलभराव के बीच से गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर जमा पानी के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

क्षेत्रवासियों के मुताबिक बारिश बंद हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन सड़क से पानी की निकासी नहीं हो सकी है। लोगों का आरोप है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण समस्या लगातार बनी हुई है। जरूरी काम, स्कूल और कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई लोग पानी से भरी सड़क से वाहन निकालने और पैदल गुजरने को मजबूर हैं।

वहीं, इलाके के रहने वाले दीपक ने बुधवार को बताया कि लंबे समय से भरे गंदे पानी के कारण इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे संक्रामक बीमारियों को लेकर भी लोगों में चिंता बनी हुई है। आरोप है कि जलभराव वाले क्षेत्र में मच्छररोधी दवा और एंटी लार्वा का पर्याप्त छिड़काव भी नहीं कराया गया है।

गीता देवी का कहना है कि इलाके के बदहाल हालात का असर उनके सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है। कुछ रिश्तेदारों ने जलभराव की जानकारी मिलने के बाद यहां आने का कार्यक्रम तक रद्द कर दिया।

लोगों ने स्मार्ट सिटी के दावों पर भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में पहले एक बड़ा तालाब हुआ करता था, जिसमें बारिश का अतिरिक्त पानी पहुंच जाता था। तालाब में कमल खिलते थे और लोग दूर-दूर से उसे देखने आते थे। लोगों का आरोप है कि समय के साथ तालाब को पाटकर उस पर कथित कब्जे कर लिए गए, जिससे क्षेत्र की प्राकृतिक जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित हो गई।

क्षेत्रवासियों का दावा है कि तालाब और कथित कब्जों को लेकर संबंधित विभागों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों की नाराजगी जनप्रतिनिधियों को लेकर भी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गंभीर जलभराव के बावजूद क्षेत्रीय विधायक ने अब तक इलाके का दौरा कर स्थिति का जायजा नहीं लिया है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित जनप्रतिनिधि और अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आ सका है।

फिलहाल क्षेत्र के लोग जिम्मेदार विभागों से जल्द पानी की निकासी कराने, मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं। अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप