फर्जी टिकट जारी करने के मामले में रेलवे की सर्जिकल स्ट्राइक, दो एटीवीएम फैसिलिटेटर गिरफ्तार
प्रयागराज, 23 मार्च (हि.स)। बीते 21 मार्च को प्राप्त सूचना के अनुसार प्रयागराज से फर्जी टिकट जारी किए जाने की आशंका व्यक्त की गई थी। जिसके आधार पर रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई प्रारम्भ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
जनसम्पर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि एटीवीएम फैसिलिटेटर अनुबंध के आधार पर कमीशन प्रणाली पर कार्य करते हैं, जिन्हें टिकट बिक्री के आधार पर पारिश्रमिक प्राप्त होता है। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए प्रयागराज मण्डल के अधिकारियों द्वारा विस्तृत एवं गहन जांच की गई। इस दौरान तकनीकी एवं फील्ड स्तर पर विभिन्न बिंदुओं का परीक्षण किया गया, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हुई।
उन्होंने बताया कि इसके उपरांत 23 मार्च को प्रयागराज मण्डल के वाणिज्य विभाग एवं उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय (एनसीआर) की सतर्कता (विजिलेंस) टीम द्वारा संयुक्त रूप से विशेष अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के तहत दो एटीवीएम फैसिलिटेटर गौरव पाण्डेय एवं विनय शुक्ला को फर्जी टिकट विक्रय के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई। साथ ही, फर्जी टिकट प्रिंट कराने से सम्बंधित अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की गई है।
पीआरओ ने बताया कि प्रारम्भिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपित बाहरी स्रोतों से फर्जी टिकट प्रिंट कराकर यात्रियों को बेच रहे थे, जिससे रेलवे को राजस्व की क्षति होने की संभावना थी। यह कृत्य पूर्णतः अवैध होने के साथ-साथ यात्रियों के साथ गंभीर धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि संबंध में अब तक की जांच में किसी भी रेलकर्मी की संलिप्तता प्रकाश में नहीं आई है।
रेल प्रशासन इस प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सतर्कता टीम के माध्यम से विस्तृत जांच कर रहा है। जांच के दौरान अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों एवं नेटवर्क की भी पहचान की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रेलवे प्रशासन यात्रियों से अपील करता है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अनियमितता की सूचना तत्काल रेलवे प्रशासन अथवा हेल्पलाइन के माध्यम से दें, जिससे इस प्रकार की अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र