खराब सड़कों की रिपोर्ट पर उठे सवाल, जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता से मांगा जवाब

 


कानपुर, 18 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर में सड़कों की मरम्मत के दावों और मौके पर मिली स्थिति में अंतर सामने आने के बाद जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार जयंत से जवाब मांगा है। 14 अक्टूबर को किए गए रात्रिकालीन निरीक्षण में कई सड़कें खराब मिली थीं, जबकि विभागीय समीक्षा बैठकों में उनके दुरुस्त होने की जानकारी दी गई थी। जिलाधिकारी ने इस अंतर को गंभीरता से लेते हुए तीन दिन के भीतर तथ्यात्मक स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।

जिले में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं। इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अंतर्गत आने वाले मार्गों की हालत ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। रिपोर्ट में सड़कों को ठीक बताया जाना और मौके पर उनकी स्थिति खराब मिलना अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है।

निरीक्षण में कुछ मार्गों के लिए दो बार निविदा प्रक्रिया अपनाए जाने का मामला भी सामने आया। जिलाधिकारी ने इस पर संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है। अधिशासी अभियंता को यह बताना होगा कि एक ही सड़क के काम के लिए दोबारा निविदा जारी करने की जरूरत क्यों पड़ी और संबंधित कार्यों की मौजूदा स्थिति क्या है।

इसके अलावा उनसे समीक्षा बैठकों में गलत जानकारी प्रस्तुत किए जाने के कारणों और बाकी बचे मरम्मत व पुनर्निर्माण कार्यों को पूरा करने की समयबद्ध योजना भी मांगी गई है। जवाब पत्र प्राप्त होने के तीन दिन के भीतर देना होगा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने, निर्धारित समय में काम पूरा कराने और सही प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। लापरवाही या गलत जानकारी देने के मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप