महारानी अब्बका का व्यक्तित्व त्याग, बलिदान और स्वाभिमान का प्रतीक : शकुंतला दीक्षित
देवरिया, 27 मई (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की देवरिया नगर इकाई के छात्रा व्यक्तित्व विकास शिविर में तृतीय दिवस मठ लार पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग की अवकाश प्राप्त आचार्य एवं नागरी प्रचारिणी सभा की कार्यकारी सदस्य शकुंतला दीक्षित ने छात्राओं को संबोधित किया।
उन्होंने महारानी अब्बका के शौर्य, पराक्रम और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि उनका व्यक्तित्व बेहिसाब त्याग, बलिदान, शौर्य एवं स्वाभिमान का परिचायक है। महारानी अब्बका ने लगभग 500 वर्ष पूर्व महिला सशक्तिकरण का प्रत्यक्ष उदाहरण प्रस्तुत किया था। आज उनके राज्यारोहण के 500 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और राष्ट्रप्रेम से परिचित कराया जा रहा है।
शकुंतला दीक्षित ने कहा कि जिस समय संसाधनों का अभाव था और पड़ोसी राज्यों ने भी साथ छोड़ दिया था, उस कठिन परिस्थिति में भी महारानी अब्बका ने लगभग 40 वर्षों तक पुर्तगालियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखा। उन्होंने अपनी अंतिम सांस तक मातृभूमि की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी और विदेशी शक्तियों को एक इंच जमीन न देने का संकल्प निभाया। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे महारानी अब्बका के साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लें।
इस दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा, क्राफ्ट, नृत्य और योग जैसी विभिन्न गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दिया गया। अभिषेक, विशाल, आफरीन, माला, विभा पांडे, अमीषा शर्मा एवं शालिनी सिंह सहित अन्य प्रशिक्षकों ने छात्राओं को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया।
इस अवसर पर अभाविप के विभाग संगठन मंत्री प्रशांत मणि त्रिपाठी, जिला संगठन मंत्री सात्विक श्रीवास्तव, आरकेएम सह प्रमुख रानी दुर्गावती, विभाग संयोजक सविनय पांडे, जिला संयोजक अमित मणि त्रिपाठी, नगर सह मंत्री अमन त्रिपाठी, ऋषिराज मिश्रा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
-------------
हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक