दूरस्थ शिक्षा के विकास को राजर्षि टंडन एवं उत्तराखंड मुक्त विवि के मध्य हुआ एमओयू
--दूरस्थ शिक्षा को सशक्त बनायेगा दोनों विश्वविद्यालयों का मिलन: प्रो सत्यकाम
--एमओयू विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए नई संभावनाओं का द्वार: प्रो लोहनी
प्रयागराज, 25 जून (हि.स)। दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण तथा रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज एवं उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी के मध्य गुरुवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों विश्वविद्यालयों के मध्य शैक्षणिक, शोध, प्रशिक्षण, नवाचार तथा पाठ्य सामग्री के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करना है।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के उपरांत उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली को अधिक सक्षम, समावेशी तथा गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए दोनों विश्वविद्यालय संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि इस समझौते के माध्यम से शोध गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी तथा दोनों विश्वविद्यालय शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेंगे।
कुलपति ने कहा कि समझौते के अंतर्गत दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षकों एवं शोधार्थियों को फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रम, संयुक्त शोध परियोजनाओं, प्रशिक्षण कार्यशालाओं, शैक्षणिक संगोष्ठियों, सम्मेलनों तथा अध्ययन भ्रमण का अवसर प्राप्त होगा। इससे दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान, अनुभव एवं नवाचार का आदान-प्रदान और अधिक सुदृढ़ होगा।
इस अवसर पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि उनका विश्वविद्यालय ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल लर्निंग तथा मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज मूक्स के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस क्षेत्र में विश्वविद्यालय की विशेषज्ञता का लाभ उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय को भी प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि दोनों विश्वविद्यालय मिलकर कौशल विकास, ई-कंटेंट निर्माण, पाठ्य सामग्री के आदान-प्रदान तथा विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षण संसाधनों के विकास पर विशेष रूप से कार्य करेंगे।
प्रो. लोहनी ने कहा कि उच्च शिक्षा के बदलते परिवेश में विश्वविद्यालयों के मध्य सहयोगात्मक प्रयास समय की आवश्यकता हैं। यह समझौता विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शोधार्थियों के लिए नए अवसर प्रदान करेगा तथा दूरस्थ शिक्षा की गुणवत्ता एवं पहुँच को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। इस अवसर पर प्रो. लोहनी ने उत्तराखंड की पारम्परिक टोपी भेंट कर प्रो. सत्यकाम का सम्मान किया।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक, अधिकारी एवं अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। उपस्थित सभी शिक्षकों ने इस समझौते को मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इससे दोनों विश्वविद्यालयों के मध्य शैक्षणिक सहयोग को नई रफ्तार मिलेगी तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र