'प्रोजेक्ट प्रवीण' बना मिसालः एआई मूल्यांकन परीक्षा में 50 हजार छात्रों का रहा शानदार प्रदर्शन
लखनऊ, 08 अगस्त (हि.स.)। योगी सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी भविष्य की तकनीक से जोड़ने की दिशा में शुरू की गई पहल 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा माध्यमिक और एडेड स्कूलों में संचालित चार घंटे के 'एआई फॉर ऑल' कोर्स की राज्य स्तरीय मूल्यांकन परीक्षा में लगभग 50 हजार छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और औसतन 70.41/100 का शानदार स्कोर हासिल किया है।
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत एआई कोर्स का उद्देश्य गांव और शहर के बीच डिजिटल अंतर को खत्म कर हर छात्र को भविष्य की तकनीक से लैस करना है। लगभग 50 हजार छात्रों की भागीदारी और उनका शानदार प्रदर्शन हमारे युवाओं की अपार क्षमता को दर्शाता है। यह योगी सरकार के 'स्किल्ड यूपी-समर्थ यूपी' के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हमारी सरकार मेधावी छात्रों को एडवांस टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने के अवसर देगी और कमजोर छात्रों को भी विशेष प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा में लाएगी।
5 दिन के रिकॉर्ड समय में हुई परीक्षा
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि परीक्षा का आयोजन पूर्णतः पारदर्शी और कुशल तरीके से 5 दिनों के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया। 8 जुलाई को गोपनीयता के साथ प्रश्न-पत्र जिलों को भेजे गए, 9 जुलाई को मुख्य परीक्षा, 10 जुलाई को अनुपस्थित छात्रों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित हुई और 13 जुलाई तक 73 जिलों में मूल्यांकन कर परिणाम मिशन मुख्यालय को भेजे गए। परिणाम 8 अगस्त को सत्यापित किए गए।
परीक्षा में 89 फीसद से अधिक छात्र सफल रहे, जिन्हें तीन श्रेणियों में बांटा गया है। उत्कृष्ट श्रेणी (80 फीसद से अधिक अंक) के तहत 12,500 से अधिक परीक्षार्थी 80 से ज्यादा अंक लाकर 'टॉप' श्रेणी में रहे। वहीं, सक्षम श्रेणी (50 से 80 अंक) के तहत 28 हजार से अधिक छात्रों ने इस श्रेणी में अंक हासिल किए। इसी तरह, विशेष ध्यान योग्य श्रेणी (50 से कम अंक) में केवल 4,819 छात्र रहे, जिनके लिए विशेष सुधारात्मक कक्षाएं चलाई जाएंगी।
क्षेत्रवार प्रदर्शन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18,395 छात्रों ने 74.3 के औसत स्कोर के साथ बाजी मारी, जिसमें 37.8 फीसद छात्र उत्कृष्ट श्रेणी में रहे। बुंदेलखंड ने गुणवत्ता और निरंतरता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, यहां का औसत स्कोर 74.2 रहा और 50 से कम अंक पाने वाले छात्रों का प्रतिशत पूरे राज्य में सबसे कम मात्र 4.9फीसद रहा। मध्य यूपी का औसत 69.7 और पूर्वांचल के 21 जिलों के 14,387 छात्रों का औसत 64.7 रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन