काशी की लता के नाम से मशहूर प्रो. मंगला कपूर को मिला पद्मश्री अवॉर्ड

 


— प्रो. कपूर का जीवन साहस, हौसला और हिम्मत की मिसाल,राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में दिया गया सम्मान

वाराणसी, 23 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी में लता नाम से प्रसिद्ध प्रो. मंगला कपूर को प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार मंगलवार को दिया गया। राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रो.मंगला कपूर को पद्मश्री सम्मान प्रदान किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह सहित देश के दिग्गज राजनेता भी समारोह में मौजूद रहे। खास बात यह रही कि जब प्रोफेसर मंगला कपूर का नाम पद्म पुरस्कार के लिए पुकार गया तो कार्यक्रम स्थल पर मौजूद विशिष्ट जनों को प्रणाम करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छुए। प्रधानमंत्री ने भी उनके दोनों हाथों को अपने सिर पर रख खुद उनका अभिवादन विनम्रता से किया। साहस, हौसला और हिम्मत की मिसाल प्रो. मंगला कपूर भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रतिष्ठित गायिका, संगीतविद् और शिक्षाविद् है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के महिला काॅलेज में संगीत की लेक्चरर रही प्रो. मंगला कपूर को काशी की लता मंगेशकर की उपाधि भी मिल चुकी है।

पद्म सम्मान से अभिभूत प्रोफेसर मंगला कपूर ने कहा कि यह सम्मान मेरे दायित्व को और बढ़ाता है। मैं उन सबको यह सम्मान समर्पित करती हूं जिससे हमको जीवन में स्नेह मिला। मैं समाज सेवा की दिशा में संगीत साधना में और राष्ट्र के निर्माण में अपना अधिक से अधिक योगदान दूंगी। कभी सोचा भी नहीं था कि मुझ जैसी महिला को इतना बड़ा पुरस्कार मिलेगा। इस मुकाम तक पहुंचना मेरे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। बताते चले हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के ग्वालियर घराने से जुड़ी मंगला कपूर के चेहरे पर वर्ष 1965 में एसिड से हमला किया गया। हमले में उनका चेहरा बुरी तरह झुलस गया। इस एसिड अटैक ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। एसिड अटैक सर्वाइवर होने के बावजूद प्रो. मंगला कपूर का आत्मविश्वास, इच्छा-शक्ति और जीवन के प्रति दृष्टिकोण सकारात्मक रहा। पद्म सम्मान लेने के दौरान उनके साथ उनके भाई कैलाश कपूर, डॉ उत्तम ओझा, डॉ पूजा दुबे भी मौजूद रहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी