पूर्वांचल के उत्पादों की वैश्विक पहुंच को आसान करेगा जेवर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट
गीडा से एक्सपोर्ट होने वाले प्रोडक्ट्स को विदेश भेजने का मिलेगा महत्वपूर्ण विकल्प
कार्गो सर्विस से टेराकोटा, कालानमक चावल जैसे ओडीओपी उत्पादों की बढ़ेगी ग्लोबल डिमांड
गोरखपुर एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी होने पर नोएडा जाने वालों को नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली
गोरखपुर, 28 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जेवर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों लोकार्पित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, पूर्वांचल को भी बड़ा फायदा पहुंचाएगा। यहां की कार्गो सर्विस से पूर्वांचल के कृषि और औद्योगिक उत्पादों की वैश्विक बाजार में पहुंच आसान होगी। खासकर, गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में निर्मित उत्पादों के निर्यात के लिए कम दूरी और कम समय वाला विकल्प मिल जाएगा।
गोरखपुर से रेडी टू असेम्बल फर्नीचर, मेडिकल डिवाइस, धागा जैसे उत्पादों का निर्यात होता है। इसके अलावा हाल के कुछ सालों में सिद्धार्थनगर की ओडीओपी में शामिल बुद्ध के प्रसाद के रूप में विख्यात कालानमक चावल और गोरखपुर के ओडीओपी उत्पाद टेराकोटा की ग्लोबल डिमांड बढ़ रही है। कालानमक चावल का निर्यात भी शुरू हो चुका है।
चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विश्व स्तरीय कार्गो टर्मिनल की सुविधा उपलब्ध होने के बाद गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के निर्यात योग्य उत्पादों को आसानी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजा जा सकेगा। अंतरराष्ट्रीय कार्गो सेवा उपलब्ध होने से उद्यमी भी अपने उत्पादों का निर्यात करने के प्रति प्रोत्साहित होंगे। जेवर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मिलने वाली नई सुविधा पूर्वी उत्तर प्रदेश से उत्पादों के निर्यात के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।
हाल फिलहाल पूर्वी उत्तर प्रदेश से ओवरसीज एक्सपोर्ट के लिए कोलकाता का रूट है। गोरखपुर से सड़क मार्ग से उत्पाद कोलकाता भेजने में करीब 800 किमी. की दूरी औसतन 15 से 17 घंटे में तय होती है। जबकि ओवरसीज एक्सपोर्ट के लिए वाया नोएडा रूट पर दूरी में 100 किमी. और समय में औसतन तीन से चार घंटे की बचत हो जाएगी। यही नहीं, गोरखपुर एयरपोर्ट से जेवर की सीधी कनेक्टिविटी होने पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा जाने वाले व्यापारियों, विद्यार्थियों व आम यात्रियों को अब दिल्ली उतरने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे यात्रियों के समय की बचत होगी। वहीं, नोएडा से आने वाले यात्रियों को भी ऐसा ही लाभ मिलेगा। जेवर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और सॉफ्टवेयर के स्थापित हब नोएडा-ग्रेटर नोएडा को इन दोनों सेक्टर में उभरते हब गोरखपुर के बीच सीधी कनेक्टिविटी देगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय