विद्यालयों के निरीक्षण की कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे : जिलाधिकारी

 


- डमी एडमिशन और मनमाने शुल्क पर सख्ती, विद्यालयों के आकस्मिक निरीक्षण के दिए निर्देश

- जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने शुल्क नियामक समिति की बैठक में दिए कड़े निर्देश

मुरादाबाद, 08 सितंबर (हि.स.)। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिला स्तर पर गठित शुल्क नियामक समिति के सदस्यों के साथ बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों के निरीक्षण की कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि निर्धारित बिंदुओं पर प्रभावी एवं तथ्यपरक सत्यापन किया जाए।

बैठक में निजी विद्यालयों में शुल्क व्यवस्था, डमी एडमिशन, पाठ्य पुस्तकों, ड्रेस तथा विद्यालयों के निरीक्षण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती रितु तोमर ने अवगत कराया कि कुछ विद्यालयों में डमी एडमिशन को लेकर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण कर डमी एडमिशन के संबंध में सत्यापन कराया जाए। सत्यापन के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विद्यालय/संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

विद्यालयों के निरीक्षण के लिए 70 अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसके सापेक्ष अब तक 20 अधिकारियों द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कठोर चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी आगामी 15 दिवस के भीतर प्रत्येक दशा में निर्धारित बिंदुओं पर विद्यालयों का निरीक्षण करते हुए आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। निरीक्षण रिपोर्ट में विद्यालय की व्यवस्थाओं के साथ-साथ अभिभावकों से प्राप्त फीडबैक को भी शामिल किया जाए, ताकि विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का प्रभावी ढंग से सत्यापन हो सके।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी, जिला विद्यालय निरीक्षक रितु तोमर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी तथा विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक/प्रधानाचार्य मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल