'वाइल्ड लाइफ फिल्मोत्सव' शिक्षा, जागरूकता और संवेदनशीलता का एक सशक्त माध्यम : डीएफओ
गोरखपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। गोरखपुर महोत्सव 2026 के अंतर्गत लगातार चौथे वर्ष तीन दिवसीय वाइल्ड लाइफ, एनवायरनमेंट एवं इको टूरिज्म फिल्मोत्सव का आयोजन 11 से 13 जनवरी तक किया जाएगा। यह फिल्मोत्सव योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं संस्कृति केंद्र में प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2.30 बजे तक आयोजित होगा। खास बात यह है कि इस फिल्मोत्सव में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहेगा और इसमें शामिल होने के लिए उम्र की कोई बाधा नहीं होगी।
इस फिल्मोत्सव का उद्घाटन सांसद एवं अभिनेता रवि किशन शुक्ला करेंगे। आयोजन गोरखपुर वन प्रभाग, शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान, हेरिटेज फाउंडेशन एवं गोरखपुर नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
प्रभागीय वन अधिकारी विकास यादव एवं हेरिटेज फाउंडेशन की संरक्षिका डॉ. अनिता अग्रवाल ने शुक्रवार काे संयुक्त रूप से बताया कि इस वर्ष का फिल्मोत्सव और भी विशेष होने जा रहा है। फिल्मोत्सव में जैक्सन वाइल्ड 2024 लिगेसी अवार्ड से सम्मानित एवं तीन बार ग्रीन ऑस्कर प्राप्त कर चुके प्रसिद्ध संरक्षणकर्ता व वाइल्ड लाइफ फिल्म निर्माता-निर्देशक माइक हरिगोविंद पाण्डेय की चयनित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। ये फिल्में वन्यजीवों, उनके प्राकृतिक आवास और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेंगी।
इसके साथ ही गोरखपुर नगर निगम द्वारा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और हरित पहल से जुड़ी उपलब्धियों को रेखांकित करने वाली फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह फिल्मोत्सव केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शिक्षा, जागरूकता और संवेदनशीलता का एक सशक्त माध्यम है।
ऑनलाइन क्विज में भाग लें, पाएं प्रमाण पत्र
डीएफओ विकास यादव ने बताया कि फिल्मोत्सव के दौरान ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। क्विज में शामिल होने के लिए किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना होगा। इसका उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को पर्यावरण, वन्यजीव एवं जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों के प्रति जागरूक करना है।
प्रकृति से जुड़ने की भावनात्मक और बौद्धिक यात्रा
डीएफओ विकास यादव ने कहा कि यह फिल्मोत्सव मात्र फिल्मों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक गहन भावनात्मक और बौद्धिक यात्रा है, जो मानव और प्रकृति के संबंध को नए सिरे से परिभाषित करता है। इसका उद्देश्य दर्शकों के मन में वन्यजीवों, वनों और समग्र पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति प्रेम, सम्मान और उत्तरदायित्व की भावना जागृत करना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को केवल आनंद का साधन नहीं, बल्कि संरक्षण का सहयोगी बनाना भी इस फिल्मोत्सव का प्रमुख लक्ष्य है।
डॉ. अनिता अग्रवाल ने कहा कि यह फिल्मोत्सव एक जागृति का आंदोलन, संवेदना का सेतु और साझा संकल्प है। यह हमें याद दिलाता है कि यदि हम प्रकृति की कहानियां सुनते और समझते रहेंगे, तो प्रकृति भी हमारी आने वाली पीढ़ियों की कहानी को सुरक्षित रखेगी।
2022 से चला आ रहा है सिलसिला
आयोजकों ने बताया कि वर्ष 2022 से गोरखपुर महोत्सव का यह फिल्मोत्सव एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। हर वर्ष बड़ी संख्या में सरकारी व निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राएं इसमें भाग लेते हैं। प्रतिकूल मौसम के बावजूद बच्चों और शिक्षकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी इस आयोजन की सफलता को दर्शाती है। उन्होंने अपील की कि इस वर्ष भी विद्यालय प्रबंधन और अभिभावक बच्चों को इस ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें।
आयोजकों का विश्वास है कि यह फिल्मोत्सव न केवल जागरूकता बढ़ाएगा, बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदार बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय