डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य में लाएं तेजी : सौम्या अग्रवाल
प्रयागराज, 10 जुलाई (हि.स.)। विधिक शिक्षा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने की दिशा में निर्माणाधीन डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों का शुक्रवार को मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए विश्वविद्यालय को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्णतः क्रियाशील बनाने के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने विभिन्न भवनों के डिजाइन, ड्रॉइंग और निर्माण कार्यों का अवलोकन किया तथा सिविल कार्य, टाइल्स, फॉल्स सीलिंग, प्लास्टरिंग, लिफ्ट स्थापना सहित सभी कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक निर्माण कार्य का गुणवत्ता परीक्षण एवं तकनीकी सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि परिसर आधुनिक और टिकाऊ अधोसंरचना के रूप में विकसित हो सके।
निर्माण कार्यों में और तेजी लाने के लिए मंडलायुक्त ने एक सप्ताह के भीतर 500 से 800 अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्य 15 नवंबर तक पूर्ण करने तथा विश्वविद्यालय का शुभारंभ निर्धारित समयसीमा के अनुसार कराने पर बल दिया।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति और कुलसचिव के साथ समन्वय स्थापित कर फर्नीचर, कक्षाओं, छात्रावासों एवं अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए तत्काल क्रय आदेश जारी करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण पूर्ण होते ही विश्वविद्यालय पूरी क्षमता के साथ संचालित हो सके और शैक्षणिक गतिविधियां बिना किसी विलंब के शुरू की जा सकें।
मंडलायुक्त ने परिसर में साउंड सिस्टम, वाई-फाई, फायर एनओसी, अग्निशमन जलाशय, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, एसटीपी सहित सभी आधुनिक सुविधाएं समयबद्ध रूप से विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही खेल सुविधाओं के विकास, बैडमिंटन कोर्ट की मानक वुडन फ्लोरिंग, ओपन एयर थिएटर में कैनोपी, भवनों पर हीट रिफ्लेक्टिव एवं वाटर रेजिस्टेंट पेंट, मुख्य प्रवेश द्वार के सौंदर्यीकरण तथा व्यापक हरित क्षेत्र विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया।
इसके बाद मंडलायुक्त ने मेजा तहसील के मांडा विकासखंड स्थित ग्राम डेंगूरपुर में गंगा नदी के दाएं तट पर लगभग 7.20 करोड़ रुपये की लागत से संचालित बाढ़ एवं कटानरोधी परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने तट संरक्षण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों से संवाद कर उनकी राय भी जानी और जनहित से जुड़े सुझावों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल