एनसीसी का संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 'सीएटीसी-69' प्रारंभ, कैडेटों को आधुनिक सैन्य कौशल का दिया जाएगा प्रशिक्षण

 




प्रयागराज, 13 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की 15 उत्तर प्रदेश बटालियन द्वारा आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (सीएटीसी-69) का शुभारंभ सोमवार को प्रयागराज में हुआ। 15 दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर में प्रयागराज, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, जौनपुर तथा वाराणसी जनपदों के लगभग 660 वरिष्ठ एवं कनिष्ठ डिवीजन तथा विंग के कैडेट भाग ले रहे हैं।

रक्षा मंत्रालय के प्रेस सूचना ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि शिविर का उद्देश्य कैडेटों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, साहस, आत्मविश्वास, टीम भावना तथा राष्ट्रसेवा के संस्कारों का विकास करना है। 10 दिवसीय सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से कैडेटों को सैन्य जीवन की मूलभूत कार्यप्रणाली से भी परिचित कराया जाएगा।

शिविर में इस वर्ष आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण भी शामिल किया गया है, जिससे कैडेट प्राकृतिक एवं मानवीय आपदाओं के दौरान प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों में दक्ष बन सकें। इसके अतिरिक्त मानचित्र अध्ययन, शस्त्र प्रशिक्षण, मैदानी अभ्यास, सामरिक प्रशिक्षण, फील्ड क्राफ्ट, बैटल क्राफ्ट तथा अन्य सैन्य विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के व्याख्यान भी आयोजित होंगे। कैडेटों को 'मेरा भारत–मेरा भविष्य' विषय पर भी जागरूक किया जाएगा, जिससे उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्रीय चेतना का विकास हो।

15 उत्तर प्रदेश बटालियन एनसीसी के कमांडिंग अधिकारी कर्नल ऋतु श्रीवास्तव रावत ने कहा कि वर्तमान समय में सैन्य प्रशिक्षण को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। हमारा प्रयास है कि कैडेट पारंपरिक सैन्य कौशल के साथ-साथ नवीन तकनीकों का भी समुचित ज्ञान प्राप्त करें। शिविर में आयोजित विविध प्रशिक्षण गतिविधियाँ उनके व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को और सुदृढ़ करेंगी।

शिविर के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, साहसिक गतिविधियां तथा सामुदायिक सेवा कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे कैडेटों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल