व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ेगा कौशल, कृषि शिक्षा को खेत और बाजार से जोड़ने पर जोर : प्रो उमेश चंद्रा
जौनपुर, 01अक्टूबर (हि.स.)। यूपी के जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महर्षि पराशर कृषि विज्ञान संस्थान में गुरुवार को नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के कीट विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं निदेशक शोध प्रो. उमेश चंद्रा पहुंचे। संस्थान के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उनका स्वागत किया।
भ्रमण के दौरान प्रो. चंद्रा ने शिक्षकों से संस्थान में संचालित शैक्षणिक, शोध, प्रशिक्षण और कृषि गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न योजनाओं, प्रयोगात्मक कार्यों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित रखने के बजाय प्रयोगशाला, खेत और बाजार की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना समय की मांग है। आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने से रोजगार और उद्यमिता की संभावनाएं बढ़ेंगी।
उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कृषि शिक्षा, शोध, कीट प्रबंधन, उत्पादन तकनीक और व्यावहारिक कृषि के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की। विद्यार्थियों को जिज्ञासा के साथ सीखने, प्रयोग करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार के लिए प्रेरित किया।
प्रो. चंद्रा ने संस्थान में चल रहे दो दिवसीय मशरूम उत्पादन तकनीक प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण भी किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया और प्रशिक्षण की उपयोगिता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों को स्वरोजगार और कृषि उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
संस्थान के समन्वयक प्रो. गिरधर मिश्र ने उन्हें शिक्षकों से परिचित कराया और विभिन्न विभागों की गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान डॉ. सत्यम प्रजापति, डॉ. विपिन, डॉ. हरिवंश सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार यादव और डॉ. शुभम सिंह मौजूद रहे। प्रो. चंद्रा ने कृषि शिक्षा, शोध और व्यावहारिक प्रशिक्षण के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा विद्यार्थियों को नई तकनीकों और नवाचारों से जोड़ने पर जोर दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव