एग्रीगेटर पाॅलिसी से संबंधित पोर्टल काे किया गया आनलाइन
लखनऊ, 20 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने गुरुवार काे बताया
कि मोर्थ के गाइडलाइन के अन्तर्गत परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर पालिसी से संबंधित पोर्टल upmyfleet.com को आज आनलाइन कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि एग्रीगेटर पालिसी
के तहत समूहक और वितरण सेवा प्रदाता का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अब निर्धारित
प्रारूप पर आनलाइन आवेदन करना होगा। संबंधित समूहक सेवा प्रदाता निर्धारित प्रारूप
में उक्त पोर्टल पर आनलाइन माध्यम से निर्धारित फीस जमा करके आवेदन करन सकते हैं।
परिवहन मंत्री ने कहा कि वर्तमान में कार्यरत समूहकों को
लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अविलम्ब आवेदन करना होगा। साथ ही कोई नया समूहक बिना
लाइसेंस प्राप्त किये समूहक एवं वितरण सेवा प्रदाता के रूप में कार्य प्रारम्भ
नहीं कर सकेगा। आनलाइन प्राप्त आवेदनों पर प्राधिकरण द्वारा निर्णय लिया जायेगा।
उन्होंने बताया कि उक्त नियमावली के तहत आवेदकों को आवेदन के लिए फीस 25000 रूपये तथा लाइसेंस प्रदान करने की फीस 05 लाख रूपये निर्धारित है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि समूहक द्वारा 100 बसें या फिर 1000 अन्य मोटरयान पर 10 लाख रूपये, 1000 बसें या 10 हजार अन्य मोटरयान
पर 25 लाख रूपये एवं 1000 से ज्यादा बसें या 10 हजार से ज्यादा
अन्य मोटरयान पर 50 लाख रूपये की
सुरक्षा राशि (सिक्योरटी मनी) का प्राविधान है। उन्होंने बताया कि एग्रीगेटर पालिसी
का मूल उददेश्य यात्रियों को सुरक्षित, इकोनामिक एवं सुलभ सेवा प्रदान किये जाने की व्यवस्था
सुनिश्चित करनी है। इसके साथ ही किसी उत्पाद को कोरियर/पैकेज/पार्सल करने के लिए
चालक को बिक्रेता, ईकामर्स इकाई या
क्रेता से जोड़ने के लिए डिजिटल या इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्म से जोड़ने की सुविधा
प्रदान करना है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि एग्रीगेटर पालिसी मुख्यतः
वाहनजनित वायु प्रदूषण पर नियंत्रण हेतु विशेष रूप से एनसीआर के क्षेत्र में
संचालित वाहनों पर पोर्टल के माध्यम से सतत् निगरानी की व्यवस्था, एग्रीगेटर की फ्लीट
में जतंदेपजपवद जव transition to Electric Mobility की व्यवस्था
सुनिश्चित किए जाने के लिए है। इसमें यात्रियों की सुरक्षा तथा विशेष रूप से
बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने हेतु लाइव ट्रैकिंग की व्यवस्था
के साथ-साथ प्रत्येक आनबोर्डेड ड्राइवर का चरित्र सत्यापन तथा उसका मनोवैज्ञानिक
परीक्षण के साथ-साथ समय-समय पर refresher trainingकी भी व्यवस्था की
गई है। यात्रियों की समस्याओं के निदान हेतु प्रत्येक एग्रीगेटर द्वारा greivance redressal officer की नियुक्ति की
व्यवस्था करना, यात्री के लिए
पदेनतंदबम की व्यवस्था, प्रत्येक चालक के welfareके लिए 5 लाख का health insurance एवं 10 लाख के term insurance की व्यवस्था
एग्रीगेटर द्वारा किया जाना पालिसी में शामिल है। पाॅलिसी में एग्रीगेटर के मनमाने
किराये वृद्धि पर नियंत्रण हेतु dynamic pricing के रूप में निर्धारित base fareसे अधिकतम 50 प्रतिशत अधिक किराया निर्धारित किये जाने की व्यवस्था
है। यात्रियों द्वारा ट्रिप बुक कराये जाने की स्थिति में निर्धारित समय तक यात्री
को पिकअप न करने की स्थिति में चालक पर 100 रूपये की पेनाल्टी की व्यवस्था जिसका लाभ यात्री को next trip में दिये जाने की
व्यवस्था है। लाइसेंस की शर्तों तथा मोटर वाहन अधिनियम एव नियमावली में निहित
व्यवस्था का उल्लंघन किये जाने की स्थिति में पेनाल्टी की व्यवस्था है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय