दिव्यांगों के शांति मार्च को पुलिस ने रोका, मांगों को लेकर हुआ प्रदर्शन

 


कानपुर, 09 जून (हि.स.)। दिव्यांगजन अधिकारों और विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी द्वारा प्रस्तावित शांति मार्च काे पुलिस ने रोक दिया। इसके विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में एडीसीपी सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह के साथ हुई वार्ता और आश्वासन के बाद संगठन ने अपना मार्च स्थगित कर दिया।

राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के कार्यकर्ता हम हैं काकरोच लिखे पोस्टर लेकर शास्त्री नगर क्षेत्र में एकत्र हुए थे। संगठन का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसे लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने आरोप लगाया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 का प्रभावी अनुपालन नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि कई मामलों में दिव्यांगों की शिकायतें थानों में दर्ज नहीं की जातीं तथा शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों का भी पालन नहीं किया जाता।

संगठन ने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, आवास, सरकारी नौकरियों में आरक्षण, दिव्यांग पेंशन बढ़ाने तथा पीड़ित दिव्यांगों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई समेत 23 सूत्रीय मांगें उठाईं। प्रदर्शन के दौरान कुछ मामलों के निस्तारण को लेकर भी अधिकारियों से वार्ता हुई।

वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि कुछ मामलों में प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिला है, लेकिन संगठन अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि यदि लंबित समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष आनंद तिवारी, जिला अध्यक्ष राहुल कुमार, मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार, महिला मोर्चा अध्यक्ष कल्पना कुमारी, अरविंद सिंह, वैभव दीक्षित, गुड्डी दीक्षित, गोमती वर्मा, सरला, तन्मय श्रीवास्तव, सतेंद्र कुमार, मोहम्मद मेराजुद्दीन और प्रज्वल कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप