निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों के कार्यों में देरी पर मुख्य सचिव ने जताई नाराजगी

 


लखनऊ, 18 जून (हि.स.)। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) की बैठक गुरूवार को आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश की विभिन्न महत्वपूर्ण निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने माँ पाटेश्वरी देवी राज्य विश्वविद्यालय-बलरामपुर, माँ विन्ध्यवासिनी विश्वविद्यालय-मिर्जापुर तथा गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय-मुरादाबाद के निर्माण कार्यों की पूर्णता तिथि बार-बार बढ़ाए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने उच्च शिक्षा एवं लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिवों को संयुक्त रूप से परियोजनाओं की समीक्षा कर विलम्ब के लिए जिम्मेदारी तय करने तथा दोषी अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन तीनों निर्माणाधीन विश्वविद्यालयों के शेष कार्य हर हाल में 31 जुलाई, 2026 तक पूर्ण कराए जाएं, ताकि विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को समयबद्ध रूप से आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

वन विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक औपचारिकताओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए तथा विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतारने के लिए समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाएं।

समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि माँ पाटेश्वरी देवी राज्य विश्वविद्यालय, बलरामपुर के निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति 92.02 प्रतिशत है तथा इसके पूर्ण होने की संभावित तिथि 15 जुलाई, 2026 है। इसी प्रकार माँ विन्ध्यवासिनी विश्वविद्यालय, मिर्जापुर के निर्माण कार्य 90.20 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं और 25 जुलाई, 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है। वहीं गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद की भौतिक प्रगति 87.19 प्रतिशत है तथा इसके पूर्ण होने की संभावित तिथित 31 जुलाई, 2026 है। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन