फोटोग्राफी समाज, संस्कृति व भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम : डॉ रुचिता
जौनपुर, 09 मई (हि.स.)। जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में शनिवार को आयोजित फोटोग्राफी प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में 200 से अधिक तस्वीरों के माध्यम से जौनपुर की प्रकृति, संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों और ग्रामीण जीवन के विविध रंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय की पत्रकारिता विभाग की समन्वयक डॉ रुचिता चौधरी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि फोटोग्राफी केवल चित्र लेने की कला नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है।
प्रदर्शनी में छात्रों ने जौनपुर की ऐतिहासिक धरोहरों, गांव की सादगी और मिट्टी से जुड़े जीवन को प्रभावशाली ढंग से कैमरे में कैद किया। शाही किला की ऐतिहासिकता, कुम्हारों की मेहनत, ग्रामीण परिवेश और काशी के घाटों की आध्यात्मिक सुंदरता तस्वीरों के माध्यम से विशेष आकर्षण का केंद्र रही।रमन मिश्र ने ऐतिहासिक धरोहरों को चित्रित किया, जबकि लक्ष्मण कुमार और रामानंद प्रजापति ने ग्रामीण जीवन की सहजता और संघर्ष को तस्वीरों में उकेरा। दिव्यांशु, कन्हैया और पृथ्वीराज ने कुम्हारों के जीवन को संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत किया। वहीं कृष्णा, सचिन और अनुराग ने काशी के घाटों की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक छटा को अपनी फोटोग्राफी में जीवंत किया।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र ने मुख्य अतिथि का स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया। प्रदर्शनी का संयोजन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया। इस अवसर पर डॉ. सुनील कुमार, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. सुरेन्द्र यादव, डॉ. अमित मिश्र समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी और शिक्षक उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव