आयुर्वेदिक उत्पादों और नवाचारों से विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा : डॉ. वंदना पाठक
कानपुर, 24 अक्टूबर (हि.स.)। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज में आयोजित नेशनल फार्मेसी वीक में विद्यार्थियों ने आयुर्वेद आधारित उत्पादों और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दो दिवसीय आयोजन में दवाओं के सही उपयोग, स्वास्थ्य जागरूकता और फार्मासिस्ट की भूमिका पर भी जोर दिया गया। यह बातें शनिवार को मुख्य अतिथि आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने कहीं।
विश्वविद्यालय में 23 और 24 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। आयोजन संस्थान की निदेशिका डॉ. निशा शर्मा के नेतृत्व और इवेंट कोऑर्डिनेटर डॉ. अमृता सिंह के संयोजन में किया गया। दूसरे दिन डॉ. वंदना पाठक ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और स्वास्थ्य सेवाओं में आयुर्वेद के महत्व की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान फार्मा यूथ पार्लियामेंट, ट्रेजर हंट, आयुर्वेद दर्शन, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट और नुक्कड़ नाटक जैसी प्रतियोगिताएं हुईं। विद्यार्थियों ने इनमें उत्साह के साथ भाग लिया और अपने विचारों तथा कौशल को प्रस्तुत किया।
आयुर्वेद दर्शन गतिविधि में विद्यार्थियों ने स्वयं तैयार किए गए फेस पैक, आंवला वटी और मधुमेह संबंधी चूर्ण प्रदर्शित किए। मुख्य अतिथि ने उत्पादों का अवलोकन किया। बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट प्रतियोगिता में बेकार फूलों से तैयार मच्छर भगाने वाले उत्पाद ने भी ध्यान आकर्षित किया। इसके जरिए अनुपयोगी सामग्री के रचनात्मक इस्तेमाल का संदेश दिया गया।
फार्मा यूथ पार्लियामेंट में विद्यार्थियों ने तार्किक चर्चा और संवाद कौशल का परिचय दिया। वहीं, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दवाओं का सही इस्तेमाल करने, उनके प्रति जागरूक रहने और स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्ट की भूमिका को समझाया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम आधारित ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव, सामाजिक जागरूकता और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराना रहा। आयोजन में विभाग के शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप