फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंगः डॉ. नृपेंद्र सिंह
जौनपुर ,25 सितंबर (हि. स.)। यूपी के जौनपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के फार्मेसी विभाग में शुक्रवार को विश्व फार्मासिस्ट दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस वर्ष की थीम इंपावरिंग फार्मासिस्ट फार ए हेल्दीयर फ्यूचर अर्थात “स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों के सशशक्तिकरण ” को केंद्र में रखते हुए विभाग में विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकतापरक कार्यक्रम आयोजित किए गए।कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र सिंह एवं प्रो. नरेन्द्र सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता, पोस्टर प्रस्तुति तथा निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें फार्मेसी विभाग के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग हैं। उन्होंने दवाओं के तर्कसंगत एवं उचित उपयोग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मरीजों को दवाओं की सही मात्रा, सही समय और सही तरीके से सेवन के संबंध में उचित परामर्श देना फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।प्रो. नरेन्द्र सिंह ने कहा कि फार्मेसी के छात्रों को अपने ज्ञान और व्यावसायिक कौशल का उपयोग समाज के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए करना चाहिए। उन्होंने एंटीबायोटिक प्रतिरोध के बढ़ते खतरे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक एवं गलत उपयोग भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है। डॉ. विजय बहादुर मौर्य ने कहा कि बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप फार्मासिस्टों का ज्ञान, कौशल और व्यावसायिक क्षमता के स्तर पर सशक्त होना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने तथा अपने ज्ञान एवं कौशल में निरंतर अभिवृद्धि करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती पूजा और धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र सिंह ने किया।इस अवसर पर डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. झांसी मिश्रा, डॉ. सुरेंद्र कुमार गौतम, अभिषेक कुमार यादव, शक्ति जायसवाल , हेमन्त दूबे एवं प्रशांत यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव