पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षोत्सव में देशभक्ति गीतों और लोकनृत्य की छटा
जौनपुर, 22 जुलाई (हि.स.)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित दीक्षोत्सव कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर देशभक्ति और लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर हो उठा। छात्राओं ने देशभक्ति गीतों एवं लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव तथा सह-संयोजक अनू त्यागी रहीं।कार्यक्रम का अवलोकन करते हुए कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संगीत और लोककला केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक मूल्यों के सशक्त संवाहक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, सृजनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।इस अवसर पर देशभक्ति गीतों और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं और पूरे परिसर में राष्ट्रभक्ति तथा उत्साह का वातावरण बना रहा। दीक्षोत्सव के अंतर्गत विश्वविद्यालय में “विकसित भारत @2047” विषय पर पोस्टर, काव्य लेखन एवं लोकनृत्य प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। इसके पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में पुस्तक पठन कार्यक्रम आयोजित हुआ। कुलपति सभागार सहित सभी विभागों में शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने अपनी पसंद की पुस्तक का सामूहिक अध्ययन किया तथा उस पर अपने विचार साझा किए। पुस्तक पठन कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अनुराग मिश्र रहे। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव