दस्यु प्रभावित रहे पाठा के आदिवासी क्षेत्र में युवतियों ने तलवारबाजी में किया नाम रोशन

 


बरगढ़ (चित्रकूट) उत्तर प्रदेश, 14 अगस्त (हि.स.)। लगभग पांच दशक तक दस्युओं के आतंक से कांपते रहे आदिवासी बाहुल्य पाठा के बरगढ़ के युवाओं में अब शिक्षा के साथ आत्मरक्षा के प्रति जागरुकता आई है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चल रहे हर घर तिरंगा अभियान के दौरान गुरुवार को अमरावती देवी एजुकेशनल सोसाइटी और सरक सरित उत्तर प्रदेश एसोसिएशन के मार्गदर्शन में युवक-युवतियों के हाथों में तलवारें देखने को मिलीं।

पिछड़े इलाके के युवक-युवतियों ने सरक सरित मार्शल आर्ट चैंपियनशिप टूर्नामेंट में अपनी कला का प्रदर्शन किया। टूर्नामेंट का आयोजन इस दुर्गम क्षेत्र में संचालित अमरावती देवी एजुकेशनल सोसाइटी के तकनीकी शिक्षा के एकमात्र केंद्र श्रीअर्जुन भाई परिवार आईटीआई के प्रांगण में किया गया। इसमें बच्चों ने भी हिस्सा लिया। सरित सरक प्राचीन भारत की तलवार, ढाल व भालों से लड़े जाने वाले युद्ध की एक अनोखी कला है।

सुदूर अंचल में हुए इस कार्यक्रम में मौजूद बरगढ़ थाना प्रभारी रीता सिंह, प्रधान शैलेश शुक्ला और समाजसेवी राममनोहर वर्मा ने बच्चों और युवाओं का हौसला बढ़ाया। तलवारबाजी में महिमा, अनूपा और खुशी के प्रदर्शन को सराहा गया। अनुराग, शुभ, साजिद, सोनम, साधना व अन्य ने सरित सरक की अन्य विधाओं में सहभाग किया। इस आयोजन में सोसाइटी की आराधना सिंह, पल्लवी सिंह, नीलू देवी के अलावा प्रशिक्षक अभिषेक शर्मा, नंदगोपाल किशोर, रोहिणी, धीरज और अभिनव अहम भूमिका रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद