आईआईटी कानपुर के मध्य हुई साझेदारी से छात्रों को उद्योग के लिए किया जाएगा तैयार : पूजा मिर्चंदानी

 


कानपुर, 24 मार्च (हि.स.)। आईआईटी कानपुर के साथ यह साझेदारी उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत सेतु का काम करेगी, जिससे छात्रों को वास्तविक अनुभव के साथ उभरती तकनीकों की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सकेगा। यह बातें मंगलवार को क्रिसिल की प्रेसिडेंट एवं मुख्य मानव संसाधन अधिकारी पूजा मिर्चंदानी ने कहीं।

क्रिसिल लिमिटेड और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के वाधवानी स्कूल ऑफ कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं इंटेलिजेंट सिस्टम्स के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इंटेलिजेंट सिस्टम्स के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल न केवल शैक्षणिक और औद्योगिक समन्वय को बढ़ाएगी, बल्कि छात्रों को आधुनिक तकनीकों के व्यावहारिक ज्ञान और कौशल से भी सशक्त करेगी।

इस सहयोग के तहत आईआईटी कानपुर में उद्योग और शैक्षणिक विशेषज्ञों को आमंत्रित कर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, इंटेलिजेंट सिस्टम्स और अन्य उभरती तकनीकों पर व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए “क्रिसिल व्याख्यान श्रृंखला” की शुरुआत की जाएगी, जिससे छात्रों को नवीनतम तकनीकी रुझानों और उद्योग की मांगों की गहन समझ मिल सकेगी।

इसके साथ ही “क्रिसिल छात्र पुरस्कार” भी स्थापित किया जाएगा, जिसे हर वर्ष आईआईटी कानपुर के दीक्षांत समारोह में इंटेलिजेंट सिस्टम्स विभाग के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार छात्रों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।

क्रिसिल ने भविष्य में भी इस साझेदारी को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है। इसके अंतर्गत इंटर्नशिप के लिए भर्ती दौरे, इंटेलिजेंट सिस्टम्स विभाग के छात्रों के साथ नियमित संवाद और उन्हें उद्योग से जुड़ी वास्तविक समस्याओं पर काम करने के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद वाधवानी स्कूल ऑफ कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं इंटेलिजेंट सिस्टम्स के अधिष्ठाता प्रो. नितिन सक्सेना ने कहा कि यह सहयोग छात्रों को उद्योग का व्यावहारिक अनुभव देगा और उन्हें वास्तविक दुनिया की चुनौतियों पर काम करने का अवसर प्रदान करेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप