विभाजन का दर्द कभी भुलाया नहीं जा सकता : मंत्री प्रतिभा शुक्ला

 


कानपुर, 14 अगस्त (हि.स.)। विभाजन का दर्द कभी भुलाया नहीं जा सकता। विभाजन की पीड़ा सहने वाले लोगों का संघर्ष, धैर्य और साहस देश के लिए प्रेरणा है। यह बातें शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहीं।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के वीरांगना लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 1947 के विभाजन में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई और विस्थापित परिवारों के संघर्ष को याद किया गया। मुख्य अतिथि प्रतिभा शुक्ला के साथ विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक नीलिमा कटियार, विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों ने राजकीय अभिलेखागार की ओर से लगाई गई दुर्लभ चित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। लघु फिल्म के माध्यम से विभाजन के दौरान विस्थापित हुए लोगों के पलायन, पीड़ा और संघर्ष को दिखाया गया। प्रदर्शनी में मुस्लिम लीग और तत्कालीन ब्रिटिश सरकार की भूमिका से जुड़े अभिलेखों के साथ नोआखली और कलकत्ता के सांप्रदायिक दंगों से जुड़ी तस्वीरें भी प्रदर्शित की गईं। स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।

प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि विभाजन केवल भूभाग का बंटवारा नहीं था, बल्कि इससे असंख्य परिवार अपनी जड़ों, घरों और अपनों से अलग हो गए। इतिहास के इस पीड़ादायक अध्याय से सीख लेकर सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना जरूरी है।

विस्थापित परिवारों ने साझा की स्मृतियां

विभाजन से प्रभावित परिवार से जुड़े महेश मेघानी और सरदार हरविंदर सिंह लॉर्ड ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि परिवारों ने घर-बार छोड़ने के बाद कठिन परिस्थितियों में भारत में नए सिरे से जीवन शुरू किया। परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर विस्थापित परिवारों ने खुद को स्थापित किया और देश की प्रगति में योगदान दिया।

प्रभावित परिवारों के सदस्य सम्मानित

कार्यक्रम में विभाजन से प्रभावित परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया गया। सरदार हरविंदर सिंह लॉर्ड, बाबा मोहन सिंह, गुरमीत सिंह, महेश मेघानी, लक्ष्मण दास अमरनानी, नरेश टेकवानी, दिलीप बालानी, कुलदीप पारवानी, मनोहर शादीजा, खूबचंद खट्टर और किसन जागरणी सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप