पार्थिव शिवार्चन से समस्त पातकों का होता है नाश : डॉ. रजनीकांत द्विवेदी

 




जौनपुर, 02 अगस्त (हि.स.)। श्रावण मास के अवसर पर रविवार काे नगर के बड़े श्री हनुमान मंदिर परिसर में पंडित बांके महाराज ज्योतिष संस्थान के तत्वावधान तथा आचार्य (डॉ.) रजनीकांत द्विवेदी के सान्निध्य में 35,035 पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं महारुद्राभिषेक का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में काशी, अयोध्या और प्रयागराज से आए वैदिक विद्वानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नमक-चमक विधि से महारुद्राभिषेक संपन्न कराया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर आचार्य (डॉ.) रजनीकांत द्विवेदी ने कहा कि श्रावण मास में पार्थिव शिवलिंग की पूजा और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि पार्थिव शिवार्चन से समस्त पातकों का नाश होता है तथा भगवान शिव की कृपा से भक्तों के कष्ट दूर होकर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने बताया कि शास्त्रों में भगवान शिव के विभिन्न अभिषेकों का अलग-अलग फल बताया गया है। जल से वर्षा, गौदुग्ध से पुत्र प्राप्ति, ईख के रस से लक्ष्मी, घृत से कल्याण, मधु से पाप क्षय तथा कुशोदक से रोग शांति की कामना की जाती है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने भी लंका विजय से पूर्व समुद्र तट पर पार्थिव शिवलिंग बनाकर शिव आराधना की थी। कलियुग में पार्थिव शिवलिंग पूजन को अत्यंत फलदायी बताया गया है। रुद्राभिषेक से साधक के पापकर्म क्षीण होते हैं और उसमें शिवत्व का उदय होता है। उन्होंने पार्थिव शिवलिंग पूजन की विभिन्न कामनाओं के अनुसार निर्धारित संख्याओं का भी उल्लेख किया।

कार्यक्रम में प्रमुख यजमान के रूप में विवेक पाठक,नीरज उपाध्याय, शशांक सिंह,जे.पी. सिंह, राजेश एवं अर्चना सिंह, संजय सिंह, रत्नेश सिंह, संतोष गुप्ता, डॉ. आर.पी. गुप्ता, सीए संजय गुप्ता, संतोष साहू, सुनील सेठ, निकेश सेठ, विक्की सेठ सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष रानू सिंह, पंडित निशाकांत द्विवेदी, पंडित रौनक शुक्ला, डॉ. गंगाधर शुक्ला, डॉ. दिव्येंदु मिश्र, पंडित प्रमोद मिश्र, पंडित प्रभाकर मिश्रा, पंडित शुभम मिश्रा, पंडित आनंद तिवारी सहित बड़ी संख्या में विद्वानों, कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने सहयोग किया। कार्यक्रम के अंत में महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ आयोजन का समापन हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव