पत्रकारिता ने हमेशा जनभावनाओं को स्वर दिया : दयाशंकर मिश्र 'दयालु'
—पराड़कर स्मृति भवन के सौंदर्यीकरण के कार्य का राज्यमंत्री ने किया लोकार्पण
वाराणसी, 18 जून (हि.स.)। पत्रकारिता केवल समाचारों का संप्रेषण नहीं, बल्कि समाज को उसका वास्तविक स्वरूप दिखाने का दायित्व भी निभाती है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता ने सदैव जनभावनाओं को स्वर दिया है और सत्ता तथा समाज के बीच सेतु का कार्य किया है। ऐसी ही गौरवशाली पत्रकारिता परंपरा की साक्षी रही काशी की धरती पर स्थित पराड़कर स्मृति भवन आज भी पत्रकारिता के मूल्यों और आदर्शों का प्रतीक बना हुआ है।
यह बातें प्रदेश के आयुष एवं औषधि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने गुरुवार काे कहीं। पराड़कर स्मृति भवन में अपने विधायक निधि से कराए गए सौंदर्यीकरण कार्य के लोकार्पण अवसर पर उन्होंने कहा कि काशी से निकली आवाज़ों ने देश को नई दिशा देने का काम किया है। पत्रकारों की इस तीर्थस्थली के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेंगे। आयुष मंत्री ने कहा कि काशी सदियों से मनीषियों, चिंतकों और ज्ञान परंपरा की धरती रही है। यही वह भूमि है जिसने अनेक राष्ट्रीय विचारों को जन्म दिया और जननेताओं के सपनों को उड़ान दी। उन्होंने काशी के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस नगरी ने उन्हें भी सार्वजनिक जीवन में नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान की है।
इस मौके पर काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। काशी पत्रकार संघ को वाटर कूलर देने के लिए मंत्री ने मालवीय मार्केट व्यावसायिक संघ के पदाधिकारियों अभिषेक केसरी, विनय अरोड़ा, ऋषि आहूजा और गुरमीत सिंह बग्गा को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन संघ के महामंत्री जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, आभार कोषाध्यक्ष जयप्रकाश श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ अत्रि भारद्वाज, पूर्व महामंत्री अखिलेश मिश्र, उपाध्यक्ष सुनील शुक्ला, कैलाश यादव, प्रेस क्लब के अध्यक्ष चंदन रुपानी, मंत्री विनय शंकर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अजय राय, अश्वनी श्रीवास्तव, सुरेश गांधी, विजय शंकर गुप्ता, शैलेन्द्र भारती, राजेंद्र यादव, सुशील मिश्र, राजेश यादव आदि भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी