मैगी और तरबूज खाने से 11 लोग बीमार, 8 जिला अस्पताल में भर्ती
गोरखपुर, 15 मई (हि.स.)। जिले के बेलीपार थाना क्षेत्र के मलाव गांव में बुधवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक परिवार समेत 11 लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सभी लोगों ने पहले मैगी खाई थी और उसके बाद गांव में साइकिल से तरबूज बेचने आए विक्रेता से तरबूज खरीदकर खाया था। कुछ ही घंटों बाद सभी को उल्टी, दस्त और सांस लेने में दिक्कत शुरू हो गई। हालत बिगड़ने पर परिजन आनन-फानन में सभी को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां 8 लोगों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार मलाव गांव निवासी बैजनाथ पाण्डेय (68), उनके भाई अमरनाथ पाण्डेय (65), अमरनाथ की पत्नी शैल कुमारी (63), पुत्र अंशु पाण्डेय (26), पुत्री पूर्णिमा पाण्डेय (25), बलराम पाण्डेय के पुत्र वेदांत पाण्डेय (3) व हन्नू पाण्डेय (2), गांव के लक्ष्मीकांत पाण्डेय की पुत्री नेहा पाण्डेय, रिश्तेदार जगदीश दुबे (78) तथा खजनी थाना क्षेत्र के पिपरा बनवारी निवासी सौरभ त्रिपाठी (25) की तबीयत अचानक खराब हो गई।
अमरनाथ पाण्डेय की बेटी अन्नू ने बताया कि रात करीब तीन बजे सबसे पहले एक सदस्य को उल्टी हुई, जिसके बाद एक-एक कर सभी लोगों की हालत बिगड़ने लगी। उल्टी, दस्त और सांस लेने में परेशानी के चलते परिवार में हड़कंप मच गया। पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके सुमन ने बताया कि मरीजों में पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत थी। प्राथमिक जांच में मामला फूड पॉइजनिंग का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि तरबूज में ऑक्सीटोसिन जैसी मिलावटी दवा का इस्तेमाल या एक्सपायरी मैगी खाने की वजह से यह समस्या हुई हो सकती है। हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
डॉ. सुमन ने बताया कि कुल 9 मरीज अस्पताल पहुंचे थे, जिनमें से 8 को भर्ती कर उपचार दिया गया, जबकि एक मरीज इलाज के बाद घर चला गया। फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में केवल ताजे फल एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थों का सेवन करें तथा बाहर बिकने वाली संदिग्ध खाद्य सामग्री से बचें।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय