पंचायत सहायकों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, मानदेय वृद्धि सहित कई मांगें उठाईं

 


देवरिया, 04 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में देवरिया जनपद के गौरी बाजार विकास खंड के पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन गुरुवार को भेजा है। यह ज्ञापन खंड विकास अधिकारी गौरी बाजार के माध्यम से प्रेषित किया गया, जिसमें पंचायत सहायकों की समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है।

ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने कहा कि वे ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं, प्रशासनिक कार्यों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनका वर्तमान मानदेय और सेवा शर्तें उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं हैं। पंचायत सहायकों का कहना है कि मौजूदा मानदेय बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की आवश्यकताओं के मुकाबले काफी कम है। इससे परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा तथा स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने मांग की है कि पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष किया जाए अथवा न्यूनतम कुशल मजदूरी दर के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा अनुबंध व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली लागू करने की भी मांग उठाई गई है।

ज्ञापन में महिला पंचायत सहायकों की समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है। मांग की गई है कि विवाह के बाद महिला पंचायत सहायकों के लिए स्थानांतरण एवं समायोजन की स्पष्ट नीति बनाई जाए। साथ ही ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी के रिक्त पदों पर होने वाली भर्तियों में पंचायत सहायकों को आरक्षण या प्राथमिकता प्रदान की जाए।

पंचायत सहायकों ने कहा कि उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति को देखते हुए सरकार को उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

ज्ञापन भेजने वालों में जिला प्रभारी एवं ब्लॉक अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश मोनू, विपिन विजय विश्वकर्मा, रुपेश यादव, रत्नेश यादव, मिताली सिंह, शालू, चांदनी देवी, रेनू यादव, प्रेमचंद, शशि गुप्ता, संयोगिता प्रजापति, नेहा गुप्ता, विनीता यादव, अर्चना निषाद सहित बड़ी संख्या में पंचायत सहायक शामिल रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक