राष्ट्रीय लोक अदालत में 2 लाख 44 हजार से अधिक वादों का निस्तारण, 12 करोड़ से ज्यादा धनराशि वसूल

 


कानपुर, 09 मई (हि.स.)। “राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य अधिक से अधिक वादों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कर आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है।” यह बातें जिला जज अनमोल पाल ने शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत के शुभारंभ के दौरान कही।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कानपुर नगर के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला जज अनमोल पाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान नोडल अधिकारी रश्मि सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अभिनव तिवारी समेत न्यायिक अधिकारी, कानपुर बार एसोसिएशन और दि लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, वैवाहिक वाद, सिविल वाद, मोटर दुर्घटना वाद, राजस्व वाद, आर्बिट्रेशन वाद तथा बैंक और बीमा कंपनियों से संबंधित मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।

जनपद न्यायालय कानपुर नगर के न्यायिक अधिकारियों ने कुल 81 हजार 987 वादों का निस्तारण करते हुए सात करोड़ 97 लाख 92 हजार 712 रुपये की धनराशि दिलाई और वसूल की। वहीं प्री-लिटिगेशन स्तर पर बैंक और टेलीकॉम कंपनियों के 629 वादों का निस्तारण कर चार करोड़ 17 लाख 77 हजार 896 रुपये की वसूली की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने एक लाख 61 हजार 446 वादों का निस्तारण किया।

इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल दो लाख 44 हजार 68 वादों का निस्तारण कर 12 करोड़ 44 लाख 87 हजार 155 रुपये की धनराशि दिलाई और वसूल की गई। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अभिनव तिवारी ने कार्यक्रम का विवरण प्रस्तुत किया, जबकि संचालन नोडल अधिकारी रश्मि सिंह ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप