योगी सरकार सप्तमी से नवमी तक मंदिरों में कराएगी दुर्गा सप्तशती पाठ का आयोजन

 


-प्रदेश के सभी प्रमुख देवी मंदिरों में होंगे सांस्कृतिक आयोजन, महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन पर जोर

-नवरात्र में 78 स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंच, हर जगह 3 प्रतिभाओं को अवसर

- नवरात्र से खुलेगा महिलाओं-स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा व रोजगार का रास्ता: जयवीर सिंह

लखनऊ, 16 अक्टूबर (हि.स.)। मिशन शक्ति के तहत उत्तर प्रदेश सरकार शारदीय नवरात्र की सप्तमी से नवमी तिथि (शनिवार से सोमवार) तक चयनित मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराएगी। इनमें पारंपरिक देवी गीतों पर आधारित गायन और दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को बताया कि नवरात्र की सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर होने वाले कार्यक्रमों में देवी गीतों की पारंपरिक गायन शैली को प्रमुखता दी जाएगी। इसके साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ भी होगा। इन आयोजनों के जरिए शक्ति आराधना की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक मंदिर में तीन स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। इस तरह कुल 78 कलाकारों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा। इनमें महिला कलाकारों की संख्या अधिक रहेगी। लखनऊ के चंद्रिका देवी, संकटा देवी मंदिर, प्रयागराज के अलोपी देवी और ललिता देवी मंदिर में तीन-तीन स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। इस तरह लखनऊ और प्रयागराज के चार मंदिरों में कुल 12 कलाकारों को अवसर मिलेगा। बाकी 22 मंदिरों में तीन-तीन कलाकार कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।

पर्यटनमंत्री ने कहा कि शारदीय नवरात्र आस्था, शक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का पर्व है। हमारा प्रयास है कि धार्मिक आयोजन सामाजिक बदलाव का माध्यम बनें और महिलाओं व बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करें। इन कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय कलाकारों, विशेषकर महिला कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इससे पारंपरिक देवी गीतों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ कलाकारों की आजीविका को सहारा मिलेगा।

योगी सरकार इन मंदिरों में कराएगी त्रिदिवसीय आयोजन

मां विंध्यवासिनी देवी- मीरजापुर

विशालाक्षी मंदिर- वाराणसी

ज्वाला देवी-सोनभद्र

सीता समाहित स्थल- सीतामढ़ी (भदोही)

अलोपशंकरी देवी-प्रयागराज

ललिता देवी- प्रयागराज

कड़ावासिनी- कौशांबी

देवीपाटन- बलरामपुर

ललिता देवी- नैमिषारण्य (सीतापुर)

शाकुंभरी देवी- सहारनपुर

कात्यायनी देवी- मथुरा

मां शीतला चौकिया धाम- जौनपुर

बेल्हा देवी- प्रतापगढ़

महालक्ष्मी देवी मंदिर- वाराणसी

चंद्रिका देवी- उन्नाव

देवकाली मंदिर- औरैया

मां तरकुलहा देवी धाम- गोरखपुर

मां शीतला माता स्थल-मऊ

मां सिंह वाहिनी काली देवी- चित्रकूट

गायत्री शक्तिपीठ- हमीरपुर

बैरागढ़ माता- कोंच जालौन

कुष्मांडा देवी-घाटमपुर

शीतला माता मंदिर- मैनपुरी

चामुंडा देवी मंदिर- फिरोजाबाद

चंद्रिका देवी मंदिर-लखनऊ

संकटा देवी मंदिर- लखनऊ ।

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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक