सत्य की स्थापना के लिए संगठन और साहस जरूरी : महंत मधुराम शरण शिवा जी महाराज

 


कानपुर, 02 अगस्त (हि.स.)। अखाड़ा परंपरा को पुनर्जीवित कर साहसी, संस्कारित और संगठित हिंदू समाज का निर्माण किया जाएगा। सत्य की स्थापना के लिए संगठन, साहस और आत्मबल का होना आवश्यक है। यह बातें रविवार को कानपुर में आयोजित शिव शक्ति अखाड़ा की उत्तर जिला बैठक में प्रमुख शिव शक्ति अखाड़ा महंत मधुराम शरण शिवा महाराज ने कहीं।

शिव शक्ति अखाड़ा के उत्तर जिले की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन के विस्तार, आगामी गतिविधियों और अखाड़ा परंपरा को मजबूत बनाने को लेकर मंथन किया गया। इस दौरान नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपते हुए संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय बनाने का आह्वान किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रमुख महंत मधुराम शरण शिवा महाराज ने कहा कि शिव शक्ति अखाड़ा केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में साहस, संस्कार, सेवा और संगठन की भावना को मजबूत करने का कार्य भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत और अखाड़ा परंपरा से जोड़ने की आवश्यकता है, ताकि एक सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सत्य की स्थापना और धर्म की रक्षा के लिए समाज में एकता, अनुशासन और आत्मबल का होना बेहद जरूरी है। शिव शक्ति अखाड़ा इसी उद्देश्य के साथ समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और सेवा कार्यों के माध्यम से लोगों के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचाने का काम करेगा।

बैठक में उत्तर जिले के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और संगठन की आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की। साथ ही सदस्यता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम और विभिन्न सामाजिक व धार्मिक आयोजनों को लेकर भी रणनीति बनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सदस्य उपस्थित रहे।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप