परेड बाजार हटाने का आदेश अमानवीय, दुकानदारों के साथ खड़ी रहेगी कांग्रेस : पवन गुप्ता

 


कानपुर, 09 मई (हि.स.)। आजादी से पहले से लगने वाला परेड बाजार कानपुर की पहचान और हजारों गरीब परिवारों की रोजी-रोटी का आधार है। दो दिन में बाजार खाली कराने का आदेश अमानवीय है और कांग्रेस दुकानदारों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। यह बातें शनिवार को कानपुर महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहीं।

आज परेड बाजार के दुकानदारों द्वारा आयोजित धरने में कांग्रेस नेताओं ने पहुंचकर समर्थन जताया। महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता के नेतृत्व में पूर्व विधायक सुहेल अंसारी, आलोक मिश्रा, नौशाद आलम मंसूरी समेत कई कांग्रेस नेता धरना स्थल पहुंचे और दुकानदारों व स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं।

पवन गुप्ता ने कहा कि नगर निगम का आदेश तुगलकी फरमान की तरह है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित जमीन नगर महापालिका की नहीं बल्कि नजूल और वक्फ बोर्ड की है। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के गरीब दुकानदारों की दुकानें उजाड़ना गलत है। उन्होंने प्रशासन से दुकानदारों, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर स्थायी समाधान निकालने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परेड बाजार वर्षों से शहरवासियों को सस्ते सामान उपलब्ध कराने का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। रामलीला, जुलूस-ए-मोहम्मदी और गरीब बेटियों की शादियों जैसे सामाजिक व धार्मिक आयोजन भी इस बाजार से जुड़े रहे हैं।

धरने में फजल खान, पदम मोहन मिश्रा, शीलू श्रीवास्तव, जितेंद्र गिरी, संदीप शुक्ला, मुकेश वाल्मीकि, जावेद उस्मानी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप