अखिलेश यादव पर राजभर का तंज, जब 900 गुना संपत्ति बढ़ी तो कार्यकर्ताओं से वसूली क्यों?
लखनऊ, 10 जुलाई (हि.स.)।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री व सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर इन दिनों समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर लगातार हमलावर हैं। वह आए दिन सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अखिलेश यादव पर सवाल खड़े कर रहे हैं। शुक्रवार को ओमप्रकाश राजभर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अखिलेश यादव पर अपने मिलने वालों से पैसा वसूली का आरोप लगाया है।
ओमप्रकाश राजभर ने लिखामित्र अखिलेश, आपके कुछ कार्यकर्ता अपने किसी काम से हमारे पास आए। जाति से आपके वाले ही हैं। आपसे बहुत प्रभावित भी हैं। कहते हैं बस भैया की सरकार आ जाये तो ‘आ हा हा, मौज आ जाएगी’। बस उन्होंने हमसे आपकी एक शिकायत की। ये शिकायत वो आपके यहां कर नहीं सकते तो बात बात में मुझसे बताने लगे। मैंने सोचा आप मित्र हैं तो आपको बता देनी चाहिए।
आपके यादव कार्यकर्ता मुझसे कहने लगे कि “भैया” से मिलने जाने पर उनके “घेरे” के लोग हमसे वसूली करते हैं। कहते हैं कि भैया से फोटो खिंचवाने का ₹5000, हाथ मिलवाने का ₹8000-₹10,000 तक और मिलवाने का तो हिसाब किताब ही नहीं है। समझ नहीं आ रहा आपकी संपत्ति में 900 गुना की बढ़ोत्तरी हुई फिर एक्स्ट्रा इनकम का जुगाड़ क्यों?ओमप्रकाश राजभर ने आगे लिखा धरतीपुत्र के पुत्र यानी आपको ऐसी क्या ज़रूरत पड़ गई कि अपने धरती पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं से वसूली कर रहे हैं। वो भी आपकी अपनी बिरादरी वालीं से। अगर यादव कार्यकर्ता का ये हाल है तो बाक़ियों का कितना रेट लग रहा आपके यहां?
सुना है कार्यकर्ताओं के खून पसीने की कमाई को चूस रहे हैं आप? अगर आप ख़ुद ये वसूली करवा रहे तो क्या ही कहें लेकिन अगर आपके घेरे वाले ये कर रहे हैं तो कुछ कीजिए महाराज। हार तो आप वैसे ही रहे हैं, ये सब बंटाधार करा देंगे। आप सोच रहे होंगे कि कार्यकर्ता आपके, वसूली आपकी, घेरा आपका तो उसमें हम क्यों बीच में आ गए। दो वजह से हमें आना पड़ा। एक तो आप हमें भले दुश्मन समझें लेकिन हम आपको अपना मित्र मानते हैं। दूसरा आपके प्रशंसक, आपके कार्यकर्ता अपना दर्द मुझसे कहते हुए बोले कि मंत्री जी, आप इसको कह दीजिए तो शायद हमारा भला हो जाये। उन्होंने कहा कि मंत्री जी, आप बोलेंगे तो अखिलेश भइया जरूर सुनेंगे और समझेंगे। कार्यकर्ता बेचारे ग़रीब थे तो सोचा आप तक बात पहुंचा दूं।
ओमप्रकाश राजभर ने लिखागेट पर रेट का काउंटर बंद कीजिए। 20 रुपये चंदा मांग कर कार्यकर्ता को मूर्ख मत बनाइए।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन