अधिकारों की रक्षा तभी संभव, जब हम अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा से पालन करें : विधायक
लखनऊ, 18 अप्रैल(हि.स.)। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में शनिवार को “सम्मान अभियान 2026” के अंतर्गत लखनऊ पूर्वी विधानसभा दत्त भवन में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस दौरान विधायक ओपी श्रीवास्तव ने कहा कि 14 अप्रैल केवल एक तिथि नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “डॉ. अंबेडकर का जीवन हमें सिखाता है कि अधिकारों की रक्षा तभी संभव है, जब हम अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा से पालन करें। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।”
श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में प्रख्यात जनकवि सफदर हाशमी की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए युवाओं को प्रेरित किया—
“क ख ग घ को पहचानो, अलिफ़ को पढ़ना सीखो,
अ आ इ ई को हथियार, बनाकर लड़ना सीखो!”
उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने जिस समतामूलक समाज की परिकल्पना की थी, उसे साकार करने के लिए आज केंद्र में नरेंद्र मोदी जी और प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही वास्तविक सामाजिक न्याय है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा, संघर्ष और संकल्प के मार्ग पर चलकर ही बाबा साहब के विचारों को सशक्त बनाया जा सकता है। समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानता को समाप्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक को जागरूक और जिम्मेदार बनना होगा।
भाजपा नेता नीरज सिंह ने संगठन की एकजुटता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा बाबा साहब के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं और उनके आदर्शों पर चलकर ही समरस समाज की स्थापना संभव है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय