ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकता है पोल्ट्री उद्योग : डॉ. धर्मेंद्र सिंह

 


गोरखपुर, 23 अगस्त (हि.स.)। पूर्वांचल में पोल्ट्री उद्योग के विकास को नई दिशा प्रदान करने तथा पोल्ट्री क्षेत्र से जुड़े किसानों, उद्यमियों, विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों एवं नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच पर लाने के उद्देश्य से रविवार को गोरखपुर में एक दिवसीय ‘प्रथम पोल्ट्री कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव में पोल्ट्री क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, भविष्य की संभावनाओं, आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रबंधन, जैव-सुरक्षा, रोग नियंत्रण, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, विपणन, निवेश एवं रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर कई उद्यमियों और पशुपालन विभाग के बीच पोल्ट्री सेक्टर में कुल 100 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू भी हुआ।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने पोल्ट्री क्षेत्र की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कृषि एवं पशुपालन के साथ-साथ पोल्ट्री उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सोच और बेहतर प्रबंधन को अपनाकर इस क्षेत्र में किसानों एवं युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार की अनेक संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। विशिष्ट अतिथि विधायक महेंद्रपाल सिंह और प्रदीप शुक्ल ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में पोल्ट्री उद्योग की संभावनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और किसानों एवं युवाओं की आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने पोल्ट्री क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों एवं किसानों को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

कॉन्क्लेव में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने पशुपालन एवं पोल्ट्री क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विभागीय प्रयासों, सरकार की प्राथमिकताओं तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि पशुपालन एवं पोल्ट्री क्षेत्र न केवल पोषण सुरक्षा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वैज्ञानिक पद्धतियों, आधुनिक प्रबंधन एवं बेहतर बाजार व्यवस्था के माध्यम से इस क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। कॉन्क्लेव को सफल बनाने में पशुपालन विभाग के अपर निदेशक गोरखपुर मंडल डॉ. वेद प्रकाश, लखनऊ से आए अपर निदेशक डॉ. अनिल, डॉ. बृजेश त्रिपाठी, डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, मंडल के सभी जिलों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, डॉ. शंभू दयाल, रवि पाठक, अभिषेक आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय