केंद्र सरकार और सुरक्षाबलों ने मिलकर नक्सलवादी शक्तियों का पूर्ण रूप से किया सफाया : डॉ राजकमल गुप्ता
-नक्सलवाद की समाप्ति पर मोदी सरकार को बधाई
मुरादाबाद, 04 अप्रैल (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय प्रबंध समिति सदस्य व गोसेवा के क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. राजकमल गुप्ता ने शनिवार को मुरादाबाद स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नक्सलवाद की समाप्ति पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और अपने सुरक्षाबलों को इस उपलब्धि के लिए साधुवाद देता हूं।
डॉ. राजकमल गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार और सुरक्षाबलों ने मिलकर नक्सलवादी शक्तियों का पूर्ण रूप से सफाया कर दिया है। सरकारें अब प्रभावित क्षेत्रों में विकास के काम में जुट गयी हैं, जिससे वहां की जनता का मनोबल बढ़ेगा। साथ ही जिन लोगों ने आत्मसमर्पण किया है उनका संतोषजनक पुनर्वास भी हो रहा है।
श्री गुप्ता ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने यह कहा था कि माओ-लेनिनवादी आतंकवाद भारत की आतंरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है। एक समय में यह दक्षिण के तिरुपति से नेपाल के पशुपतिनाथ तक एक कॉरिडोर के रूप में फैला हुआ बताया जाता था। सन 2014 में वामपंथी उग्रवाद से भारत में प्रभावित जिलों की संख्या 126 थी। उड़ीसा, छत्तीसगढ़ का बस्तर, झारखण्ड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना के बहुत सारे क्षेत्रों में मानाे माओवादियों का ही शासन था। उनके सामने सरकारें लाचार दिखती थी।
उन्होंने झिरन घाटी में कांग्रेस के पूरे नेतृत्व का सफाया कर दिया था, बस्तर में 72 सीआरपीएफ के जवानों की हत्या की थी। उनके रहते प्रभावित क्षेत्रों में विकास के काम करना संभव नहीं था। वह न तो सड़कें बनाने देते थे और न ही विद्यालय। वर्तमान सत्ताधारी पार्टी ने 2014 के अपने चुनाव घोषणा पत्र में ही नक्सलवाद के सफाये का संकल्प लिया था। इसी को पूरा करने के लिए ना सिर्फ प्रभावी योजनाएं बनाईं अपितु, पूरे दृढ़-संकल्प के साथ केंद्र व प्रभावित राज्य सरकारों ने मिलकर संसाधन जुटाए और 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवादी आतंकवाद को हमेशा के लिए समाप्त करने की समय सीमा भी तय की।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल