रॉयल चार्टर दिवस पर इंजीनियरों ने नवाचार और तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर दिया जोर : भरत राज सिंह

 


लखनऊ, 10 सितंबर (हि.स.)। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ज्ञान, नवाचार, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी को लगातार मजबूत करने की जरूरत है। इंजीनियरों को अपनी तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ बदलती तकनीकों के अनुरूप ज्ञान को भी लगातार अद्यतन करना चाहिए। यह बातें गुरुवार को प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह ने कहीं।

लखनऊ के इंजीनियर्स भवन, रिवर बैंक कॉलोनी में इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र की ओर से रॉयल चार्टर दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह ने सितंबर माह 1935 को आईईआई को प्रदान किए गए रॉयल चार्टर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत के तकनीकी और राष्ट्रीय विकास में इंजीनियरों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

मुख्य वक्ता इं. जीएम पाण्डेय ने व्यावसायिक ज्ञान और दक्षताओं को लगातार बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज और देश की प्रगति के लिए युवा इंजीनियरों को सक्रिय रूप से संस्था से जोड़ना और नई तकनीकों तथा नवाचार के लिए प्रेरित करना जरूरी है।

कार्यक्रम समन्वयक इं. जेबी सिंह ने रॉयल चार्टर दिवस की विषयवस्तु के साथ इसके ऐतिहासिक और व्यावसायिक महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में मानद सचिव ई. एनके निषाद ने अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह, मुख्य अतिथि इं. एएस कपूर, प्रो. जमाल नुसरत, इं. महेश गुप्ता, इं. आर. के. सिंह, इं. एनके वर्मा और समन्वयक इं. जेबी सिंह समेत सभी विशिष्ट सदस्यों और प्रतिभागियों के प्रति आभार जताया।

रॉयल चार्टर दिवस समारोह में इंजीनियरिंग पेशे से जुड़े लोगों ने ज्ञान, नवाचार, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप